राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा योजना में नेताओं के फोटो छापकर राशन के थैले बांटने का मुद्दा सियासी रूप लेने लगा है। अभी तक इस योजना का किसान ही विरोध कर रहे थे, लेकिन अब सियासी नेताओं ने भी इसमें बयानबाजी शुरू कर दी है।
शहर की पूर्व चेयरपर्सन शीला राठी के प्रतिनिधि एडवोकेट संदीप राठी, नप के पूर्व चेयरमैन रवि खत्री व पूर्व पार्षद युवराज छिल्लर ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि नेताओं के फोटो छपे थैलों में अनाज दे रहे हैं। इस थैले में अनाज देकर भाजपा व जजपा नेता गरीबों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। यह राशन लेने वाले गरीबों के साथ भद्दा मजाक नहीं तो और क्या है। रवि खत्री ने कहा कि तीन दिन से भाजपा के तमाम नेता राशन डिपो पर गरीबों को अनाज का थैला बांट रहे हैं। सरकार को अनाज थैलों में ही देना था तो नेताओं के बिना फोटो वाले थैलों में देते। सरकार गरीबों को अनाज बांटने के साथ-साथ अपना प्रचार करने में जुटी हुई है। यह योजना के नाम पर आम जनता के पैसे की बर्बादी है। थैला देने के चक्कर में सरकार ने अनाज तो गरीबों को दिया, लेकिन सरसों का तेल बंद कर दिया।
संदीप राठी ने बताया कि जितने पैसे का अनाज है, उतने ही पैसे इस बैग पर फोटो छपवाने के लगे हैं। इसलिए जितने पैसे फोटो छापने पर लगे हैं, अगर उतने पैसे का अनाज गरीब लोगों को देते तो ये जनहित में होता।
पूर्व पार्षद युवराज छिल्लर ने कहा कि प्रदेश में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का जिम्मा दुष्यंत चौटाला संभाले हुए हैं। ऐसे में सरकार गरीबों को पांच किलो गेहूं देकर और थैले पर अपनी फोटो लगाकर जनता के साथ भद्दा मजाक कर रही है। सरकार इस तरह के फिजूल खर्च को बंद करके इस पैसे को जनकल्याण में लगाना चाहिए।