कोरोना सैंपलिंग के लिए अस्पताल में बैठा स्टाफ
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कोरोना संक्रमण के मामले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार दो नए कोरोना संक्रमित जिले में पाए गए हैं। इनके साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। लोगों लापरवाही भारी पड़ती जा रही है। हर रोज कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं लेकिन कहीं भी संक्रमण को लेकर सावधानी नहीं बरती जा रही है। चाहे कोई सार्वजनिक स्थान हो, मुख्य बाजार या फिर सामान्य अस्पताल ही क्यों ना हो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
जिले में कहीं भी नहीं हो रहा कोरोना के नियमों का पालन
जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। जिले में 31 मार्च को करीब 70 सेंपलों की जांच की गई है। इनमें दो कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए हैं। दोनों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से होम आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में फिलहाल 5 सक्रिय मरीज हैं इनमें से एक मरीज को दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
148 सैंपल जांच के लिए भेजे प्रयोगशाला, सक्रिय मरीजों की संख्या हुई पांच
उसकी हालत में काफी सुधार हो चुका है और किसी भी समय उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। हालांकि अब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बहादुरगढ़ में ही कोरोना की जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित कर दी गई है। जिले के लोगों के सैंपलों की रिपोर्ट आने में अब अधिक समय नहीं लगेगा। करीब 24 घंटे के अंदर ही सैंपलों की रिपोर्ट आ जाएगी।
संक्रमण को न लें हल्के में
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण को लोग हल्के में ना लें क्योंकि वह उनके जीवन पर भारी पड़ सकता है। इसलिए हर व्यक्ति कोरोना के नियमों का पालन करते हुए पूरी सावधानी बरतें ताकि वह संक्रमण की चपेट में न आएं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना संक्रमण को लेकर आइसोलेशन वार्ड बनाए जा चुके हैं। बेड तक अस्पतालों के वार्डों में ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
जांच अधिकारी के अनुसार
जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी अवश्य बरतनी चाहिए। लापरवाही किसी भी सूरत में ना करें और अपने व अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
--- डॉ ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर।