बहादुरगढ़। गांव मेहंदीपुर डाबोदा के दयानंद उर्फ मुकेश की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
बता दें कि 15 अगस्त को घर से बहादुरगढ़ के लिए गए मुकेश का शव मंगलवार को बालोर के श्मशान घाट में मिला था। मुकेश की हत्या के तरीके, कारणों, हत्यारों, दिन व समय का खुलासा पुलिस नहीं कर पाई है, लेकिन शव की हालत को देख अनुमान लगाया गया है कि उसकी हत्या तीन दिन पहले की गई होगी। शव पर तेजधार हथियार के कई जगह वार करने के निशान मिले थे। उसकी छाती व पेट में भी घाव मिले थे। हालांकि परिजनों ने किसी पर हत्या का शक जाहिर नहीं किया है। उनका कहना है कि उनकी किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी। मुकेश की जेब में दो हजार रुपये भी मिले थे, जिससे लूट के लिए हत्या होने का नजरिया भी सही नहीं लगता।
अपना व्यवसाय करता था मुकेश
करीब 32 वर्षीय मुकेश अविवाहित था। उसकी चार छोटी बहनें हैं। सभी बहनों का विवाह हो चुका है। वह फाइनेंस के अलावा बहादुरगढ़ में ई-रिक्शा किराए पर देने का व्यवसाय करता था। माता-पिता के गुजारे की जिम्मेदारी भी उसके ही कंधों पर थी। उसके चचेरे भाई ऋषि ने बताया कि मुकेश बहुत अच्छे स्वभाव का था। सभी से मिलजुल कर रहता था।
अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होने की संभावना है। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
- सतेन्द्र कुमार, थाना सदर प्रभारी, बहादुरगढ़।