ग्रामीण क्षेत्र में किसान एक बार फिर से व्यस्त हो गया है। सरसों की बिजाई शुरू हो गई है लेकिन किसान अभी तक तापमान गर्म होने से भयभीत है। अब सरसों की बिजाई का समय शुरू हो गया है जो कि अब अक्तूबर माह के आखिर तक चलेगा। किसानों ने बिजाई कार्य शुरू कर दिया है। बिजाई के लिए जहां कुछ किसान जमीन संवारने में जुटे हैं वहीं कुछ किसानों ने बिजाई कार्य पूरा कर दिया है।
अक्तूबर के मध्य में सरसों की अगेती खेती की बिजाई की जाती है। इसके बाद भी कुछ किसान तापमान गर्म होने की बजह से अगेती बिजाई कार्य को महत्व नहीं दे रहे हैं और कुछ दिन इंतजार कर पछेती बिजाई की सोच रहे हैं ताकि तापमान में गिरावट हो सके। जिस क्षेत्र में नमी की मात्रा ज्यादा है वहां पर बिजाई कार्य शुरू हो चुका है जबकि रेतीली जमीन पर बिजाई कार्य पछेत ही रहेगा। किसान दीपक, प्रदीप, मनदीप और रामबीर का कहना है कि तापमान ज्यादा होने से बीज के कम अंकुरित होने का भय रहता है जबकि तापमान इसी तरह से गर्म रहा तो अंकुरित होने के बाद भी पौधे को नुकसान हो जाएगा।
वहीं विभाग के एडीओ सतीश मेहरा का कहना है कि पिछले दिनों हुई बरसात से सरसों की बिजाई ने जोर पकड़ा है। सरसों बिजाई का उपयुक्त समय चल रहा है और किसानों को सरसों की बिजाई कार्य की तैयारियों में जुट जाना चाहिए। आमतौर पर अक्तूबर माह में सरसों का बिजाई कार्य पूरा कर लिया जाता है जिसके बाद किसान नवंबर माह में गेहूं की बिजाई कार्य में व्यस्त हो जाते हैं।