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भीम अवार्डी बनी म्हारी लाडो...बेटी को सोना समझोगे, लाएगी सोना

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अभ्यास करती मनु भाकर। संवाद - फोटो : Jhjhar
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साल्हावास (झज्जर)। जैसे ही मनु भाकर को सरकार की ओर से भीम अवॉर्ड से सम्मानित करने की सूचना मिली तो गांव गोरिया सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया। मनु भाकर के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। मनु का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव में हुआ है। उनके ताऊ प्रताप शास्त्री, ताऊ बलजीत, चाचा महेंद्र सिंह, निवर्तमान सरपंच गोरिया के प्रतिनिधि राजेश और दादी दयाकोर ने मनु भाकर की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज मनु ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा म्हारी लाडो भीम अवार्डी बनी है। अगर बेटी को सोना समझोगे तो सोना लाएगी।
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मनु भाकर के ताऊ बलजीत ने बताया कि मनु भाकर अनाथ व गरीब लड़कियों की वित्तीय सहायता भी करना चाहती है। क्षेत्र में ऐसी प्रतिभावान लड़की जिसको पैसों के कारण समस्याएं आ रही हैं तो मनु भाकर उनकी मदद करना चाहती हैं। मनु भाकर को दूसरों की मदद करना बड़ा अच्छा लगता है।
मनु भाकर की माता सुमेधा भाकर ने बताया कि आज बेटी की इस उपलब्धि पर उन्हें ही नहीं बल्कि सारे देश को गर्व हो रहा है। वे कहती हैं कि भगवान ऐसी बेटी सभी को दें आज हमें लड़का लड़की में भेदभाव न करके लड़कियों की अच्छी परवरिश करनी चाहिए ताकि अन्य लड़कियां भी मनु भाकर की तरह अपना नाम रोशन कर सकें।
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पिता इंजीनियर और मां हैं प्राचार्य
मनू भाकर के पिता रामकिशन भाकर इंजीनियर और मां सुमेधा स्कूल में प्राचार्य हैं। मनु भाकर की शिक्षा दीक्षा ग्रामीण अंचल में स्थित यूनिवर्सल सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोरिया में हुई। मनू बचपन में निशानेबाजी के साथ मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, स्केटिंग और जूडो कराटे भी खेलती थीं। जब मनु की उम्र 18 साल से कम थी तब उनके पिता ने नौकरी छोड़ दी और लाइसेंसी पिस्टल के साथ बेटी को प्रशिक्षण के लिए छोड़ने जाने लगे। भाकर को 2012 ओलंपिक के बाद गठित किए गए राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से मदद मिली। इनके कार्यक्रमों में व्यक्तिगत कोच रखने की नई व्यवस्था शुरू की गई जिसमें जाने माने शूटर को कोच रखा जाता है।
शूटर जसपाल राणा ने दी कोचिंग
भाकर को भारत के प्रतिष्ठित शूटर जसपाल राणा ने कोचिंग दी साल 2017 में मनु ने केरल में नैशनल चैंपियनशिप में नौ स्वर्ण पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसी वर्ष एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में भाकर ने रजत पदक अपने नाम किया। मैक्सिको के गुआदालाजरा में 2018 अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट शूटिंग वर्ल्ड कप के 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में, भाकर ने दो बार के चैंपियन अलेजांद्रा जवाला को हराया। इस जीत से वे वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन गईं।
मनु भाकर की उपलब्धियां
मनु ने 2018 में आईएसएसएफ़ जूनियर विश्व कप में भी डबल स्वर्ण जीता। उसी वर्ष, 16 साल की उम्र में, उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। अपने स्कोर के साथ साथ उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर किया। मई 2019 में, मनु ने म्यूनिख आईएसएसएफ़ विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 2021 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। अगस्त 2020 में मनु भाकर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने एक वर्चुअल पुरस्कार समारोह में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
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