बहादुरगढ़। शहर के रामनगर में एक विवाहिता ने फंदे से लटककर जान दे दी। युवती ने एक साल पहले ही अंतरजातीय विवाह किया था। आरोप है कि शादी के बाद उसे परेशान किया जा रहा था। मृतका के पिता के बयान पर पति व एक अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने और एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
टांडाहेड़ी गांव निवासी उषा ने वर्ष 2021 में मार्च में रामनगर के रहने वाले हितेश के साथ शादी की थी। वे दोनों बहादुरगढ़ के एक कंप्यूटर सेंटर में कोर्स करने के लिए जाते थे। वहीं दोनों की मुलाकात हुई थी। मृतका के परिजनों के अनुसार दोनों ने घरवालों की सहमति के बाद ही इंटर कास्ट कम अरेंज मैरिज की थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही उषा को जातिसूचक से पुकारा जाता था। साथ ही घर में अक्सर झगड़ा होने लगा। उषा के परिजनों का आरोप है कि पति अक्सर पिटाई करता था। इसलिए उसने एक बार पुलिस में पहले शिकायत भी की थी। तब परिजनों ने समझौता करा दिया था।
आरोप है कि समझौते के बाद भी उषा की अक्सर पिटाई की जाती थी। यहां तक कि करीब दो माह पहले उसका फोन तक छीन लिया गया था, जिससे कि वह अपने परिजनों से बात न कर सके। वह बात कर भी लेती तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। रविवार देर रात उन्हें पता चला कि बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। उन्होंने पति व उसकी नानी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। वहीं मृतका के ससुराल पक्ष के लोगों का कहना है कि उषा को तंग नहीं किया जाता था। उसने स्वयं आत्मघाती कदम उठाया है। उधर, सोमवार को शहर के नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। इस मौके पर अस्पताल में डीएसपी पवन कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीएसपी का कहना है कि मृतका के पिता के बयान पर आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।