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बंद के आदेश के बावजूद खुले रहे कई निजी स्कूल

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बच्चों को स्कूल ले जाती हुई वैन। संवाद - फोटो : Jhjhar
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झज्जर। जिले में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सरकार ने सभी निजी और सरकारी स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के बाद भी शनिवार की सुबह ही सड़कों पर स्कूलों में बच्चों को ले जाने के लिए गाड़ियां दौड़ने लगी थीं। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार के आदेशों की खुलकर धज्जियां उड़ाने का काम किया।
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वहीं सरकारी स्कूल में गए विद्यार्थियों को स्कूल प्रबंधन की ओर से वापस घर भेज दिया गया, लेकिन बात करें निजी स्कूल संचालकों की तो उन्होंने स्कूलों को पहले की तरह ही खोले रखा और बच्चों को पढ़ाया भी गया। जब शिक्षा विभाग को इस बात का पता चला तो खंड शिक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में गठित की गई कमेटियां स्कूलों में पहुंची और स्कूलों को बंद करवाया। वहीं कई स्कूलों में फोन करके भी बंद करवाया गया।
गौरतलब है कि प्रदेश के 4 जिलों को ज्यादा प्रदूषित मानते हुए केंद्र सरकार व एनजीटी के आदेशों पर आगामी आदेशों तक स्कूलों को बंद करने का नोटिस सभी स्कूलों को पहुंचाया गया है। जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हमने जिले के सभी स्कूलों को फोन करके व ईमेल के जरिये सरकार के आदेशों से अवगत करवा दिया है। खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यदि कोई भी स्कूल सरकार के आदेशों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद जिले के काफी निजी स्कूल खुले रहे और सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आए।
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परीक्षा के लिए मिली छूट
कक्षा दसवीं व बारहवीं के सीबीएसई के छात्र-छात्राओं की परीक्षा होने के चलते वे स्कूलों में जा सकते हैं। इसके अलावा कोई भी अन्य कक्षा का विद्यार्थी स्कूलों में नहीं जाएगा।
वर्जन
खंड स्तर के अधिकारियों को निजी स्कूलों पर मॉनिटिरिंग करने के लिए बोला गया है। यदि कोई भी निजी स्कूल संचालक स्कूल को खोलता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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- बीपी राणा, जिला शिक्षा अधिकारी, झज्जर।
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