हरियाणा के यूपीएससी टॉपर और पूरे भारत में 12 वां रैंक हासिल करने वाले आशीष सांगवान ने अभी से ही विभागों के बारे में जानकारी लेना शुरू कर दिया है। इसलिए उन्होंने जेल का विजिट करने के बारे में सोचा। कंप्यूटर साइंस से बीटेक व एमटेक कर चुके आशीष सांगवान ने जेल के अंदर के माहौल से रूबरू होने के बाद बताया कि अभी उन्हें यह नहीं पता कि उन्हें कौन सा कैडर मिलेगा। लेकिन जिस भी स्टेट में उन्हें जिम्मेदारी मिलेगी वहां अपना पदभार संभालते ही उनकी प्राथमिकता कंप्यूटर की मदद से हर काम में पारदर्शिता लाने की होगी।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है धरातल पर काम करने की और वह तभी संभव है जब लोग जागरूक होंगे। जेल के अंदर की हरियाली देखकर उन्होंने जेल प्रबंधन के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जेल अधीक्षक सुनील सांगवान से उन्हें कुछ सीखने को जरूर मिला है। दुलीना जेल का विजिट करने के बाद उनका यह भ्रम टूट गया है कि जेल में हालात ठीक नहीं होते है।
अनुभव सांझा करने से और अधिक सीखने की इच्छा जागृत होती है। उन्हें खुशी है कि युवा आईएएस चयनित आशीष सांगवान ने कुछ सीखने के उद्देश्य से जेल का दौरा किया है। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं कि वह अधिकारी के तौर पर समाज हित में कार्य कर लोगों की सेवा करे।
सुनील सांगवान, जेल अधीक्षक दुलीना जेल झज्जर।