प्रदेश में 23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बिजली कर्मियों के हड़ताल पर रहने के बावजूद भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हुई। जिसके चलते हड़ताल का कोई असर दिखाई नहीं दिया। हड़ताल में नियमित कर्मचारियों की संख्या ज्यादा रही। वहीं डीसी रेट और अनुबंध के आधार पर कार्यरत अधिकांश कर्मचारियों ने हड़ताल से दूरी बनाए रखी। निगम द्वारा की गई वैकल्पिक व्यवस्था के चलते आमजन को परेशानी नहीं हुई। उधर, निगम और प्रशासन के आला अधिकारियों ने दिनभर पूरे घटनाक्रम पर नजर जमाए रखी।
मंगलवार देर रात से ही सभी पॉवर हाऊसों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। वहीं बिजली निगम कर्मचारियों ने स्थानीय छोटूराम धर्मशाला में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं हरियाणा कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ, सीटू सहित अन्य संगठनों ने बिजली निगम कर्मचारियों के समर्थन में लघु सचिवालय के निकट हुड्डा पार्क में धरना दिया और निजीकरण के विरोध में ज्ञापन भी सौंपा।
दिनभर कर्मचारी करते रहे सरकार विरोधी नारेबाजी
बिजली निगम कर्मचारी स्थानीय छोटूराम धर्मशाला में एकत्रित हुए और दिनभर निजीकरण और सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बिजली निगम कर्मचारियों के जिला प्रधान जोगेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार चाहे लाख प्रयास कर ले, लेकिन कर्मचारी दबाव में आने वाले नहीं है। सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी है। अगर सरकार जल्द उनकी मांगों को नहीं मानती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उनकी हड़ताल शांतिपूर्ण है और सभी कर्मचारी इसमें भाग लिया।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने डाला हुड्डा पार्क में डेरा
बिजली निगम कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी धरना दिया। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, सीटू सहित अन्य संगठनों ने हुड्डा पार्क में धरना देकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बाद में नायब तहसीलदार को निजीकरण के विरोध में ज्ञापन भी सौंपा। सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारी राजेंद्र जुलाना ने कहा कि लोकतंत्र में हड़ताल करना सबका अधिकार है। उनकी हड़ताल शांतिपूर्वक है। सरकार ने एस्मा लगाकर अपनी कर्मचारी विरोधी नीतियों को स्पष्ट किया है।
उपस्थित और अनुपस्थित कर्मचारियों की संख्या
झज्जर सर्कल
एसई कार्यालय- कुल नियमित कर्मचारी- 10, उपस्थित 5, अनुपस्थित- 5
अनुबंध और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी- 7, सभी उपस्थित
एक्सईएन कार्यालय- कुल नियमित कर्मचारी-11, उपस्थित-5, अनुपस्थित- 6
डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी-5, सभी उपस्थित
अनुबंध के आधार पर कार्यरत-1, अनुपस्थित
झज्जर शहर- कुल नियमित कर्मचारी- 69, उपस्थित-30, अनुपस्थित-39
डीसी रेट पर कार्यरत 8 कर्मचारी सभी उपस्थित
अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारी 11 सभी उपस्थित
ग्रामीण सर्वर-1
कुल नियमित कर्मचारी- 56, उपस्थित-3, अनुपस्थित-53
डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी-15 सभी उपस्थित
अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारी- 9 सभी उपस्थित
माछरौली पॉवर हाऊस
कुल नियमित कर्मचारी-35, उपस्थित 3, अनुपस्थित-32
डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी-24, उपस्थित 13, अनुपस्थित-11
अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारी-28, उपस्थित-17, अनुपस्थित 11
उपमंडल बेरी
कुल कर्मचारी- 99, उपस्थित कर्मचारी- 30, अनुपस्थित-69
डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारी 29, उपस्थित-28, अनुपस्थित-1
अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारी-9, सभी उपस्थित।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
हड़ताल के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। मंगलवार देर रात से ही सभी पॉवर हाऊसों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। सुरक्षा शाखा और सीआईडी कर्मचारी भी पल-पल की खबर से अपने आला अधिकारियों को सूचित करते रहे।
बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से हुई है। फ्यूज उड़ने और कम वोल्टेज की करीब 20 शिकायतें आई थी। जिसे जल्द ही ठीक करवा दिया गया था। आमजन को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
एम एस कादयान, एक्सईएन।