झज्जर और बहादुरगढ़ में स्थापित किए जा रहे 500 और 1000 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पाद क्षमता वाले प्लांटों को उद्घाटन के लिए वीआईपी हाथों का इंतजार है। 15 अगस्त को इन्हें जनता को समर्पित किया जाना था, लेकिन फिलहाल तक कोई भी सरकारी सूचना न आने की वजह से रविवार को इनका उद्घाटन होता दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि दोनों प्लांटों को चालू कर दिया है। अब इन्हें केवल उद्घाटन का इंतजार है।
वैसे तो दोनों अस्पतालों में मरीजों के लिए सीधे बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की प्रक्रिया चालू कर दी गई है। सामान्य अस्पताल झज्जर व बहादुरगढ़ में दोनों प्लांटों का ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है। दोनों प्लांट वातावरण से ऑक्सीजन लेकर शुद्ध ऑक्सीजन में कन्वर्ट करेंगे और सीधे मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन के माध्यम से पहुंचेगी। दोनों अस्पतालों में करीब 150 मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।
झज्जर में 100 व बहादुरगढ़ में 50 मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की सुविधा
झज्जर के सामान्य अस्पताल में 100 बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था होगी। जबकि बहादुरगढ़ में 1000 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन का प्लांट होने के बावजूद भी यहां पर 50 बेड पर एक साथ ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की सुविधा होगी, क्योंकि यहां पर एसडीयू व आईसीयू के बेड होने के कारण इन बेडों पर करीब दस गुणा ऑक्सीजन का इस्तेमाल अधिक होता है। जिसके कारण फिलहाल 50 बेड पर सीधे ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा जिले की सीएचसी व बेरी के सामान्य अस्पताल में भी सीधे बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुरू की गई है। वहीं डीघल व बेरी में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री कर चुके हैं।
फिलहाल तक ऑक्सीजन प्लांटों के उद्घाटन का कार्यक्रम सरकार की तरफ से देर रात तक नहीं आया था। विभाग की तरफ से दोनों प्लांट उद्घाटन के लिए तैयार हैं। प्लांटों से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो चुका है।
- डॉ. संजय दहिया, सीएमओ, झज्जर।