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स्टाफ ने पहले गेट नहीं खोला, फिर प्रसव का समय न होने की बात कह वापस भेजा, महिला ने सीएचसी के गेट पर दिया बच्चे को जन्म

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सीएचसी में रात के समय एक महिला ने मेन गेट पर प्रसव पीड़ा सहन करते हुए बच्चे को जन्म दे दिया। बच्चे के जन्म के बाद चिकित्सकों के हाथ-पांव फूल गए और एंबुलेंस की मदद से महिला और नवजात को झज्जर के सरकारी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में जच्चा-बच्चा की हालत सामान्य है।
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जानकारी के अनुसार बुपनियां रोड स्थित एक फैक्टरी में लकड़ी का काम करने वाली महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो उसका पति डिलिवरी के लिए उसे बादली की सीएचसी में लेकर आया। जहां महिला को प्रसव का समय नहीं होने की बात कहकर बाहर भेज दिया। गर्भवती महिला और उसका पति अस्पताल से बाहर निकल गए, लेकिन महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी। इसी दौरान महिला ने सीएचसी के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
महिला के पति ने बताया कि पहले तो गेट नहीं खोला गया और बाद में सीएचसी में कार्यरत कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल से बाहर कर दिया। इसी दौरान उन्होंने अपने ठेकेदार कृष्ण कुमार को सूचना दी। सूचना मिलने पर ठेकेदार सीएचसी में पहुंचे। ठेकेदार के अनुसार जब वह सीएचसी पहुंचे तो महिला और उसका पति बाहर गेट पर ही थे और महिला प्रसव पीड़ा से परेशान थी। उन्होंने रात के समय ही चिकित्सकों से बातचीत की। पहले तो गर्भवती महिला के कागजात पूरे नहीं होने की बात कही, जबकि बाद में प्रसव समय नहीं होने की बात कहकर उन्हें सीएचसी से बाहर निकाल दिया। ठेकेदार के अनुसार उन्हें सीएचसी में एंबुलेंस न होने का हवाला भी दिया गया। इसी दौरान महिला ने गेट पर बच्चे को जन्म दे दिया। गेट पर बच्चे को जन्म देने की सूचना मिलने पर सीएचसी में मौजूद एएनएम और स्वास्थ्य कर्मचारियों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस की मदद से महिला और नवजात बच्चे को झज्जर के सरकारी अस्पताल भेज दिया। जहां महिला और नवजात स्वस्थ हैं।
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ठेकेदार कृष्ण ने रात के समय ही पुलिस को घटना की जानकारी दे दी थी, इसलिए चिकित्सकों और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत होती रही। चिकित्सकों की ओर से सुलह के प्रयास किए जा रहे हैं।
रात के समय एएनएम और अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर थे। ऐसी घटना हुई है तो जांच करवाई जाएगी। प्राथमिक जानकारी में पता चला है कि जब गर्भवती महिला अस्पताल पहुंची तो एंबुलेंस किसी आपातकालीन घटना पर गई थी। गर्भवती मोटर साइकिल से सीएचसी पहुंची थी, जिसके चलते महिला की शारीरिक परेशानी बढ़ गई।
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- जितेंद्र कुमार, एसएमओ, सीएचसी बादली।
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