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पंजाब-हरियाणा के आंदोलन से तमिलनाडु वालों को भी मिलेगी ताकत : रंगासामी

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टीकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन करते तमिलनाडु के किसान। - फोटो : Bahadurgarh
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संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन के समर्थन में आए तमिलनाडु के किसानों ने शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन किया। तमिलनाडु के किसान नेता कामरेड रंगासामी और का. चंद्र बोस ने मोर्चा के मुख्य मंच से किसानों को संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के किसान व खेत मजदूर पिछले साल जून महीने से ही इन तीनों कृषि कानूनों व बिजली बिल संशोधन 2020 के खिलाफ अपने प्रदेश में लगातार आंदोलन चला रहे हैं और अब हम तमिलनाडु के किसानों का यह संदेश लेकर यहां आए हैं कि पूरे तमिलनाडु के किसान-खेत मजदूर इस आंदोलन के साथ हैं।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेता कामरेड रंगासामी ने कहा कि मोदी सरकार कॉरपोरेट घरानों के हित में विशेषकर अडानी-अंबानी घरानों के हित में ये कानून लेकर आई है। ये किसानों, खेत मजदूरों व आम आदमी के हितों के खिलाफ हैं। इन कानूनों का पूरे देश के किसान, खेत मजदूर व आम आदमी विरोध कर रहे हैं। यह आंदोलन धीरे-धीरे सारे देश में फैलता जा रहा है। आज नहीं तो कल, मोदी सरकार को झुकना ही होगा।
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उन्होंने कहा कि हम पंजाब-हरियाणा के लोगों की हिम्मत व जज्बे के संदेश को तमिलनाडु में लेकर जाएंगे और घर-घर यह संदेश देंगे। काले कानूनों के बारे में जानकारी देंगे, जागरूकता पैदा करेंगे और संगठित होकर आंदोलन को और तेज करेंगे।
का. चंद्र बोस ने कहा कि आंदोलन से जीत पक्की है। हम पंजाब-हरियाणा के लोगों को बधाई देने आए हैं कि वे इतने लंबे समय से विभिन्न प्रतिकूल परिस्थितियों में बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इससे पहले पिलर नंबर 786 पर एआईकेकेएमएस के कैंप ऑफिस से सभा स्थल तक एक जुलूस भी निकाला। जुलूस में तमिलनाडु के किसानों के साथ जयकरण मांडोठी, रामकिशन, प्रवीण, प्रवीण कुमार व शारदा दीक्षित भी रही। दोनों नेताओं ने अंग्रेजी में भाषण दिया। जयकरण मांडोठी व शारदा दीक्षित ने उनके भाषण को हिंदी में बताया।
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