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आकर्षक कलाकृतियों से सजाया ढांसा स्टैंड का मेट्रो स्टेशन

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ढांसा बस स्टैंड मेट्रो स्टेशन के अंदर का दृश्य। - फोटो : Bahadurgarh
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ग्रे लाइन के द्वारका-ढांसा बस स्टैंड कॉरिडोर पर जल्द शुरू होने वाले ढांसा बस स्टैंड मेट्रो स्टेशन को आकर्षक कलाकृतियों और फोटोग्राफ से सुसज्जित किया गया है, जो राष्ट्रीय राजधानी के इस उपनगरीय इलाके की समृद्ध विरासत, संस्कृति और वनस्पति तथा जीव-जंतुओं को प्रदर्शित करते हैं।
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नजफगढ़-ढांसा क्षेत्र की सांस्कृतिक जड़ें बहुत गहरी हैं। यह क्षेत्र ऐतिहासिक तथ्यों को संजोए हुए है और पारिस्थितिकी विज्ञान के संदर्भ में देखें तो यह एक दलदली क्षेत्र है जो बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों और वन्य जीवों को यहां आने के लिए उत्साहित करता है। इसलिए ढांसा बस स्टैंड मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शित कलाकृतियों और फोटोग्राफ में इस क्षेत्र के इन अनूठी विशेषताओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है।
नजफगढ़ और ढांसा के बीच एक जल स्रोत के रूप में स्थित बारहमासी झील स्थानीय वन्य-जीवों और प्रवासी पक्षियों के लिए पर्यावरणीय दृष्टि से स्वर्ग जैसी है। तोते, बाज, बत्तखें, चिड़ियां, किंगफिशर इस क्षेत्र से स्नेह करते हैं और सर्दियों के मौसम में पक्षियों को देखने वाले बड़े उत्साह से यहां आते हैं। स्टेशन पर लगाए गए शीशे के पैनलों पर प्रिंट किए गए फोटोग्राफ क्षेत्र की समृद्ध विविधता को दर्शाते हैं, जिनका विषय प्रवासी पक्षी रखा गया है।
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कृषि और पशु-पालन यहां के स्थानीय लोगों की आय के मुख्य स्रोत हैं, किंतु रियल-एस्टेट परियोजनाओं और विभिन्न इवेंट का आयोजन स्थल होने से यहां महत्वपूर्ण आर्थिक प्रगति हुई है। स्टेशन का रंग संयोजन मटियाला रखा गया है, जो ग्रामीण और शहरी मूल्यों के एकीकरण को सुस्पष्ट रूप में दिखाता है। हाथ से बनी एक कलाकृति में दिखाया गया है कि कुछ निवासी अपने सामाजिक मूल्यों और आने वाली जीवन-शैली के साथ एकसाथ आते दिख रहे हैं, जिसका शीर्षक ग्रामीण-शहरी प्रगति के किनारे रखा गया है। यह कलाकृति उस पुल के प्रतीक रूप को दर्शाती है जो भूतकाल व भविष्य को जोड़ता है। डीएमआरसी ने स्टेशन की साज-सज्जा का प्रयास इसलिए किया है ताकि देश की समृद्ध विरासत और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में इसके परिसरों का इस्तेमाल किया जा सके।
लगभग एक किलोमीटर लंबा नजफगढ़-ढांसा बस स्टैंड कॉरिडोर मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त से अनिवार्य अनुमोदन मिल जाने के बाद अब परिचालन के लिए तैयार है। कॉरिडोर खोले जाने की वास्तविक तारीख की जानकारी जल्दी ही दी जाएगी। इस एक्सटेंशन के खुलने से, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 286 मेट्रो स्टेशनों के साथ 390 किलोमीटर लंबा हो जाएगा।
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- अनुज दयाल, कार्यकारी निदेशक, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, डीएमआरसी
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