फोटो:23 दूबलधन माजरा स्थित जटेला धाम में पहुंचे एम्स के पूर्व निदेशक डॉ गुलेरिया को स्मृति चिन्ह द?
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बेरी। गांव माजरा डी में स्थित स्वामी नित्यानंद तपोभूमि जटेला धाम में शरद पूर्णिमा पर एम्स हॉस्पिटल नई दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया उनकी पत्नी किरण गुलेरिया, पीजीआईएमएस रोहतक से डॉ. ध्रुव तथा उनकी टीम के सदस्य पहुंचे। उन्होंने स्वामी नितानंद महाराज की प्रतिमा के सामने नमन कर पूजा अर्चना की और महंत राजेंद्र दास के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर साध संगत को संबोधित करते हुए डॉ. गुलेरिया ने कहा कि तपोभूमि जटेला में आकर शांति की अनुभूति होती है। यहां का सौंदर्य बहुत ही अतुलनीय है। फिर उन्होंने साध संगत को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान से बढ़कर कोई डॉक्टर नहीं होता उनके पास हर जीव की समस्या का समाधान है। उन्होंने कहा कि आप ग्रामीण बड़े सौभाग्यशाली हैं। जिस धरा पर आज आप इकठ्ठे हुए हैं। वहा स्वयं भगवान अवतरित हुए थे। हमें इस तपोभूमि को युगों युगों तक नमन करना चाहिए। डॉ. ध्रुव चौधरी ने कहा कि शनिवार को शरद पूर्णिमा की रात्रि के समय जो जड़ी बूटियों से निर्मित खीर दवाई के रूप में खिलाई जाएगी। वह बड़ी ही लाभदायक एवं गुणकारी होती है। क्योंकि आयुर्वेदिक हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से ही बहुत ही दुर्लभ बीमारियों का इलाज संभव है। इस कार्यक्रम में मंहत राजेंद्र दास ने कहा कि भक्ति में शक्ति होती है। उन्होंने आज महर्षि बाल्मीकि के अवतरण दिवस पर उनकी जीवन कथा पर भी प्रकाश डाला और अपने प्रवचनों में कहा कि जिस मनुष्य ने अपने मन रूपी इंद्रियों को वश में कर लिया। मानों उसने विश्व पर विजय प्राप्त कर लिया। लेकिन आज हमारा समाज भौतिकवाद एवं पाश्चात्य संस्कृति में इतना लीन हो गया है कि घर में माता-पिता, गुरुजनों तथा अतिथियों का आदर सत्कार करना तक भूल गए। यह बड़ी विडंबना का विषय है। लेकिन जिस मनुष्य ने अपने आप को सतगुरु के चरणों में लीन कर लिया। मानो उन्होंने भवसागर को पार कर लिया। अतिथियों को महाराज श्री का ग्रंथ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।