बहादुरगढ़। सब्जी मंडी में अनधिकृत रूप से रेहड़ी लगाकर फल बेचने वाले दुकानदारों ने रविवार को मंडी गेट पर धरना शुरू कर दिया। इनका कहना है कि मार्केट कमेटी की ओर से तीन हजार रुपये महीना किराया मांगा जा रहा है।
सब्जी मंडी गेट पर धरना दिए बैठे दुकानदारों का कहना है कि रेहड़ियों पर फेल बेचने से उनकी आय इतनी अधिक नहीं होती कि वे तीन हजार रुपये महीना दे सकें। लंबे समय तक तो कोरोना की मार को झेल रहे थे, ऊपर से इस फीस के कारण उनका यहां काम करना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों ने कहा कि वे 500 रुपये महीना से अधिक देने में समर्थ नहीं हैं। मंडी के मेन गेट पर धरना प्रदर्शन करने वाले रेहड़ी वालों में सुरेश कुमार, दामोदर, विनय तिवारी, सुनील सैनी, मोती लाल यादव, राजपाल, वीरू, तपेश, राकेश, राजेंद्र, कमलेश व गुड्डू भी शामिल रहे।
दुकानदारों का कहना है कि वे दिनभर मेहनत करके जैसे-तैसे परिवार का गुजारा करते हैं, लेकिन अब कमेटी की ओर से 3 हजार रुपये प्रतिमाह फीस मांगी जा रही है। पिछले सप्ताह भर से परेशान किया जा रहा है। कमेटी के कर्मचारी आते हैं और कहते हैं कि फीस दोगे तो ही काम कर पाओगे। दिनभर खड़े रहकर 250 से 300 रुपये कमाते हैं। ऐसे में 3 हजार रुपये प्रतिमाह फीस कैसे दें लगभग सभी रेहड़ी वालों की आर्थिक स्थिति खराब है। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। इस फैसले को वापस लिया जाए। अन्यथा प्रदर्शन जारी रहेगा।
वर्जन
मार्केटिंग बोर्ड की क्षेत्रीय प्रशासक ने सब्जी मंडी का निरीक्षण कर अनधिकृत रूप से लग रही फलों की रेहड़ियों को हटाने अथवा मंडी में सफाई आदि की व्यवस्था करने के लिए किराया वसूलने को कहा था। लेकिन अनधिकृत रूप से लग रही किसी भी रेहड़ी का किराया वसूलने का कोई आदेश अब तक नहीं है। तीन हजार रुपये किराया वसूलने की बात केवल अफवाह है। जो कुछ होगा बोर्ड के आदेशानुसार होगा।
- अंजू, सब्जी मंडी इंचार्ज, मार्केट कमेटी बहादुरगढ़