बहादुरगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 27 सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसान नेता तैयारी में लगे हैं। आंदोलनकारियों ने हाईवे, रेल मार्ग और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस को भी जाम करने की घोषणा की है। जाम लगाने के लिए प्रमुख ठिकाने भी तय कर लिए हैं। रेल परिवहन जाम करने के लिए बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर मंच लगाकर किसान दिनभर सभा करेंगे। सुरक्षा बलों की कार्रवाई की संभावना को देखते हुए किसानों ने विभिन्न मार्गों के पूर्व निश्चित स्थानों को छोड़ दूसरे स्थानों पर भी धरना देने की गुप्त योजना बनाई है। पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
आंदोलनकारी किसानों ने सोमवार को सुबह 6 से दोपहर बाद 4 बजे तक भारत बंद की घोषणा की है। जयकरण ने कहा कि दिल्ली की सभी सीमाओं को तो जाम किया ही जाएगा, जिले में किसी हाईवे पर भी वाहन नहीं चलने दिए जाएंगे। रेल गाड़ियों को बंद करने के लिए स्टेशन पर ही धरना देने का फैसला लिया गया है। बाजारों, बैंकों व दफ्तरों में भी बंद का प्रभाव बनाने की कोशिश की जा रही है। किसानों को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर बंद को सफल बनाने के लिए कहा गया है।
टीकरी बार्डर कमेटी ने की बैठक
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा टीकरी बार्डर कमेटी की बैठक रविवार को बलविंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभी सदस्यों ने भाग लिया। सर्वसम्मति के साथ सोमवार को बहादुरगढ़ में रेलवे ट्रैक को जाम करने का फैसला लिया गया। रेलवे स्टेशन पर ही लंगर व जलपान का प्रबंध किया जाएगा। बैठक में लखविंदर सिंह, जियालाल, दर्शन सिंह, हरप्रीत सिंह, कुलदीप ढांडा, शारदा, अमरीक सिंह, ऊगर सिंह, काला जयदा, गुरमेल सिंह, हरमनदीप, नाछत्तर सिंह भी शामिल थे।
ॅइलाके में पांच मार्गों पर होंगे प्रमुख धरने
सोमवार के बंद को देखते हुए रविवार को टीकरी बार्डर पर किसानों की सभा भी थोड़े ही समय तक चलाई गई। सभा में किसान नेताओं ने बंद को सफल बनाने का आह्वान किया। बंद के दौरान सभी सरकारी और निजी दफ्तर, शिक्षण और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करवाने की कोशिश रहेगी। बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन, केएमपी एक्सप्रेस-वे के मांडोठी टोल प्लाजा के अलावा नेशनल हाईवे-9 पर आंदोलन स्थल के पास व रोहद टोल प्लाजा, नेशनल हाईवे-334बी के छारा टोल पर जाम लगाने की तैयारी है।
आपातकालीन सेवाओं को नहीं रोका जाएगा
किसान नेता जोगेंद्र सिंह नैन ने बताया कि बंद से सभी आपात प्रतिष्ठानों, सेवाओं, अस्पतालों, दवा की दुकानों, राहत व बचाव कार्य और निजी इमरजेंसी वाले लोगों को बाहर रखा गया है। आंदोलनकारियों को समझाया गया है कि एंबुलेंस, दमकल गाड़ी और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को तुरंत रास्ता दिया जाए। माल ढोने वाले ट्रकों व दूसरे वाहनों को नहीं चलने दिया जाएगा। कुछ बैंक कर्मचारी संगठनों और ट्रांसपोर्टरों के संगठनों ने भी किसान मोर्चा को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। बहादुरगढ़ शहर किसान आंदोलन का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है और यहां हजारों किसान जमे बैठे हैं, इसलिए किसानों द्वारा किए गए बंद के आह्वान को देखते हुए बाजारों के दुकानदार चिंतित हैं। दुकानदार संजय ने कहा कि दुकान नहीं खोलेंगे तो नुकसान होगा और दुकान खोलें तो खतरा है।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन भी कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर तैयारी कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जहां बंद को लेकर कोई जबरदस्ती होगी वहां कानून अपना काम करेगा। इधर, कई स्कूलों ने पहले से ही बंद की आशंका के चलते कक्षाएं न लगाने का फैसला किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 57 नाके लगाए गए हैं। जिला पुलिस और अर्धसैनिक बलों के तमाम जवान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगे। सभी तरह के सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दे दिया गया।