टीकरी बार्डर पर ट्रैक्टर मार्च निकालते किसान।
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बहादुरगढ़। राज्य सरकार से वार्ता विफल होने के 15 घंटे बाद आंदोलनकारी किसानों ने शनिवार को अपने 20 किलोमीटर के दायरे में फैले टीकरी बॉर्डर पड़ाव में ट्रैक्टर मार्च निकाल शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मकसद उनकी लंबित मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार पर दबाव बनाना था। यह मार्च सुबह 10 बजे बहादुरगढ़ सिटी मेट्रो स्टेशन के पास से शुरू हुआ और जाखोदा मोड़ के किसान चौक व बाईपास से होता हुआ टीकरी बार्डर पर संपन्न हुआ। इसमें पंजाब के साथ-साथ हरियाणा के किसानों ने भी हिस्सा लेकर एकता का परिचय दिया।
किसान नेता बलदेव सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च का उद्देश्य केंद्र को यह एहसास दिलाना था कि किसान अभी भी न केवल एकजुट हैं बल्कि उसी उत्साह से लबरेज हैं जैसे एक साल पहले आंदोलन की शुरुआत में थे। किसान नेताओं बरजिंदर सिंह ने कहा कि सरकार को हमारे धैर्य और शक्ति की परीक्षा लेने के बजाय लंबित मांगों को बिना किसी देरी के स्वीकार कर लेना चाहिए ताकि किसानों की घर वापसी का रास्ता तैयार हो सके। ट्रैक्टर मार्च में किसान नेता रमेश सुडाना, सुमित छिकारा, सरदार बलदेव सिंह और दिलबाग सिंह दलाल भी शामिल थे।
वहीं दूसरी ओर, लंबित मांगों को लेकर केंद्र और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बीच बेशक गतिरोध अभी भी बरकरार है मगर टीकरी बार्डर पर बैठे किसानों ने विजय जुलूस की तैयारियों में इस्तेमाल किए जाने वाला साजो-सामान एकत्रित करना शुरू कर दिया है। हरमिन्दर सिंह ने बताया कि अनेक किसान जश्न मनाने के लिए पटाखे और पोटाश खरीद चुके हैं। चूंकि पटाखे महंगे होते हैं इसलिए उनमें से अधिकांश बहादुरगढ़ शहर में बिकने वाले पोटाश को खरीदने में तरजीह दे रहे हैं। हम जश्न मनाने के लिए तैयार हैं इसलिए एसकेएम के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
एक अन्य किसान ने बताया कि बहादुरगढ़ शहर में पोटाश की एक छोटी मात्रा के साथ-साथ बंदूक की तरह का उपकरण 400 रुपये में बेचा जा रहा है जो कि पटाखों से काफी सस्ता पड़ता है। उन्होंने कहा कि पोटाश पटाखों के बजाय अधिक उपयुक्त है क्योंकि यह न केवल तेज आवाज करता है बल्कि इससे हादसा होने की आशंका भी नहीं रहती। हम टीकरी से पंजाब के रास्ते में विजय जुलूस के दौरान इसका इस्तेमाल करेंगे।
संगरूर के किसान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि एसकेएम द्वारा आंदोलन समाप्ति की घोषणा के तुरंत बाद कई किसान फूल और पटाखों के साथ विजय जुलूस का हिस्सा बनने के लिए टीकरी पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हम पूरी जीत के करीब हैं और यह भी कुछ दिनों में हो जाएगा।