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Bahadurgarh: बचपन से ही सेना में जाना चाहती थीं सोनिया, UPSC की परीक्षा देकर बनी CRPF में असिस्टेंट कमाडेंट

Fri, 24 Jul 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

सोनिया के पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत बताते हैं कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में तेज, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता वाली रही है। उसने सेना में जाने के के लक्ष्य के साथ कड़ी मेहनत की और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी-सीएपीएफ)  की परीक्षा दी।
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अपने पिता ज्ञानप्रकाश के साथ सोनिया सहरावत। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच चर्चा में आई सीआरपीएफ की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत मूल रूप से बहादुरगढ़ के गांव सौलधा की रहने वाली हैं। वर्तमान में उनका परिवार बहादुरगढ़ में रहता है। पिता ज्ञानप्रकाश स्कूल चलाते हैं और मां निर्मला देवी रेस्टारेंट। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर सुर्खियों में आईं सोनिया का सपना बचवन से ही सेना में अधिकाराी बनने का था। वे देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को अपना रोल मॉडल मानती थीं और उन्हीं की तरह वर्दी पहनकर देश सेवा करना चाहती थीं। इसके लिए उसने पढ़ाई के दौरान एनसीसी का सी सर्टिफिकेट भी हासिल किया था। 

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सोनिया के पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत बताते हैं कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में तेज, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता वाली रही है। उसने सेना में अधिकारी बनने के लक्ष्य के साथ कड़ी मेहनत की और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी-सीएपीएफ) की परीक्षा दी। वर्ष 2014 में उन्होंने सीआरपीएफ में अधिकारी बनकर देश सेवा का रास्ता चुना। वे सेना में लेफ्टिनेंट भी चुनी गई थीं लेकिन मेडिकल कारणों की वजह से उसने सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद सेवा देने का रास्ता चुना। 

ज्ञानप्रकाश सहरावत ने बताया कि सोनिया की स्कूली शिक्षा सोनीपत के ऋषिकुल विद्यापीठ स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसडीएम कॉलेज से इतिहास विषय में एमए किया। छात्र जीवन में उनकी राजनीति में भी सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था। पिता ज्ञानप्रकाश का कहना है कि बचपन से ही उनमें नेतृत्व करने की क्षमता साफ दिखाई देती थी। सोनिया के पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत दिल्ली पुलिस से इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल वे बहादुरगढ़ में एक स्कूल संचालित करते हैं। उनकी मां निर्मला देवी गृहिणी हैं और परिवार की ओर से रेस्टोरेंट का संचालन भी करती हैं। ज्ञानप्रकाश नगर परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
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छोटा भाई फाइटर पायलट
तीन भाई-बहनों में सोनिया सबसे बड़ी हैं। छोटा भाई विकास सहरावत कनाडा में रहता है, जबकि सबसे छोटे भाई मोहित सहरावत भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट हैं। 

पिता ज्ञानप्रकाश भावुक होकर कहते हैं कि मेरी बेटी आम लड़कियों जैसी नहीं है। वह बहुत बहादुर है। उसके लिए परिवार बाद में और देश पहले है। वह देश के लिए हर जिम्मेदारी निभाने को तैयार रहती है। वह चाहती है कि उसके दोनों बच्चे भी बड़े होकर देश की सेवा करें। सीआरपीएफ में सेवा के दौरान सोनिया की तैनाती अनुच्छेद-370 हटने से पहले श्रीनगर में भी रही। कश्मीर ऑपरेशन में उनका सात वर्ष का अनुभव है। रैपिड एक्शन फोर्स में देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए सोनिया को मोब साइकोलॉजी का सात वर्ष का अनुभव है। पिता के अनुसार हालिया घटनाक्रम के बाद उनसे कोई बातचीत नहीं हो पाई है। उन्हें सिर्फ इतना पता चला है कि उसके हाथ में फ्रेक्चर है। वे अपने हेडक्वार्टर में अपना इलाज करवा रही हैं। 

सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आई सोनिया सहरावत
दरअसल, हाल के दिनों में सोनिया उस समय चर्चा में आईं, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान उनकी एक कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद सीजेपी ने उन पर प्रदर्शनकारियों का अपमान करने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी उन्हें निशाने पर लिया। हालांकि इस पूरे विवाद पर पिता ज्ञानप्रकाश बोले कि ये तो बिटिया ही बताएगी।

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