फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां भीमेश्वरी के जयकारों से गूंजी धर्मनगरी

विज्ञापन
रंगीन रोशनी में सजा माता भीमेश्वरी देवी मंदिर। संवाद - फोटो : Jhjhar
विज्ञापन
मां के दरबार में जो भी आता है, वह कभी खाली नहीं जाता... भजनों व माता के जयकारों से दिनभर धर्मनगरी गूंज रही है। आस्था के साथ हर बार की तरह इस बार भी मां भीमेश्वरी के मंदिर में माथा टेकने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। कोई नंगे पैर तो कोई पेट के बल लेटकर मां का दीदार करने के लिए पहुंच रहा। मां के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज रहा है। मां के दर्शन के लिए कई-कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद भी भक्तों के चेहरे पर न थकावट की शिकन है और न ही परेशानी का भाव है।
विज्ञापन

दूधिया रोशनी में नहाए बेरी का मां भीमेश्वरी मंदिर का नजारा शुक्रवार रात को देखने के लायक था। मेले को लेकर मंदिर की भव्य सजावट की गई है। शुक्रवार को सुबह चार बजे माता का मंदिर में प्रवेश हुआ और तभी से श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन करने शुरू किए।
पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मां के दर्शनों के लिए लाइन में लगे भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर स्थानीय लोगों की ओर से जल सेवा के साथ-साथ भंडारों आदि की भी व्यवस्था की गई है। पूरे परिक्रमा स्थल ने भी एक बाजार का रूप धारण कर लिया है।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार के मेले में मां भीमेश्वरी देवी की खास कृपा देखने को मिली। सप्तमी के दिन बेरी की देवी मंदिर वाली गली, पंसारियों वाली गली, भजन आश्रम वाली गली, मेन बाजार वाली गली माता के जयकारे से गूंजती रही। बेरी क्षेत्र की सभी गलियों में पूजन सामग्री सहित अन्य दुकानें भी खास तौर पर बिजली की रोशनी से जगमगा रही हैं।
----------------
मां कालरात्रि की पूजा की
शुक्रवार को भक्तों ने मां कालरात्रि के रूप में मां का पूजन अर्चन किया। देर रात करीब 2 बजे तक मां शहर में बने पुराने मंदिर में निवास कर रही हैं और यहां पहुंचे भक्तों ने यहां मां के दर्शन करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।
बिजली के किए पुख्ता प्रबंध
मंदिर परिसर एवं परिक्रमा स्थल पर बिजली के पुख्ता प्रबंध देखने को मिले और बैरिकेडिंग के माध्यम से परिक्रमा स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, बेहतर ढंग से रोशनी की व्यवस्था की गई है।
---------------
पिछले दो साल से नहीं लगे थे भंडारे
बता दें कि कोरोना महामारी के चलते नवरात्र में मेले का आयोजन व भंडारों पर रोक लगी हुई थी, लेकिन इस बार नवरात्रों में भंडारे लगाने वालों होड़ लगी रही। वहीं सप्तमी के दिन बेरी की पंसारियों वाली गली में कढ़ी-चावल का भंडारा, मेन बाजार में मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दूध का प्रसाद बांटा गया।
---
पंडित जयप्रकाश शास्त्री ने बताया कि नाम से अभिव्यक्त होता है कि मां दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है, अर्थात जिनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। इनका रूप भयानक है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। अंधकारमय स्थितियों का विनाश करने वाली शक्ति हैं कालरात्रि। काल से भी रक्षा करने वाली यह शक्ति है। इस देवी के तीन नेत्र हैं। ये तीनों ही नेत्र ब्रह्मांड के समान गोल हैं। इनकी सांसों से अग्नि निकलती रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें