तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में पंजाब के एक किसान की मंगलवार सुबह मौत हो गई। उसकी मौत हृदयाघात से हुई है या फिर अन्य किसी वजह से यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। थाना शहर पुलिस ने नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा कर किसान का शव परिजनों को सौंप दिया।
पंजाब के मानसा जिले के गांव राला के रहने वाले किसान महेंद्र(58) फिलहाल बहादुरगढ़ में कोरोना आर्केड के नजदीक टेंट में ठहरे हुए थे। सोमवार की रात को वह भोजन करके टेंट में सो गए लेकिन मंगलवार की अल सुबह उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी किसानों ने संभाला तब तक उनकी मौत हो गई। किसान महेंद्र पिछले एक सप्ताह पहले ही टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन में भाग लेने के लिए आए थे। इससे पहले भी वह यहां आते रहते थे। थाना शहर से जांच अधिकारी संदीप का कहना है कि किसान की मौत हृदयाघात से होने का अनुमान जताया गया है लेकिन मौत के सही कारणों का पता तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।