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बेटी तो नहीं लौटेगी, पर उसे मिल गया इंसाफ

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झज्जर। हमारी बेटी तो अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन आज अदालत के फैसले से उसे इंसाफ मिल गया है। अब बस इस बात का इंतजार रहेगा कि पांच साल की मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले को फांसी मिले। यह बात झज्जर अदालत द्वारा फैसला सुनाने के बाद बच्ची के माता-पिता ने कही।
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मध्य प्रदेश के मूल निवासी परिवार ने कहा कि उनकी बेटी तो जिंदा हो नहीं सकती लेकिन उसके साथ दरिंदगी और उसकी हत्या करने वाले को सजा मिल गई है। झज्जर ही नहीं प्रदेश के लोगों ने उनका साथ दिया। प्रशासन व सरकार ने भी सहयोग दिया। जिस कारण यह संभव हो पाया है। झज्जर बार एसोसिएशन ने भी साथ दिया और किसी भी वकील ने आरोपी का केस नहीं लड़ा। मासूम को न्याय दिलाने के लिए पूरे शहर के लोग व विभिन्न संगठन भी सड़कों पर उतर आए थे। इस मामले में ट्रैफिक जाम भी लगाए गए थे। उधर, आरोपी विनोद उर्फ मुन्ना की मां ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगी। उन्हें पछतावा है कि वह उस रात घर पर नहीं थी वरना ऐसा होता ही नहीं।
एमपी सीएम ने भी लिया था संज्ञान
पांच साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात की थी। उस समय उन्होंने पीड़ित परिवार की सहायाता के लिए चार लाख रुपये देने की घोषणा की थी। जबकि पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता हरियाणा सरकार की तरफ से दी गई। वहीं, करीब तीन लाख रुपये की सहायता इस परिवार को अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई। मासूम के पिता ने कहा कि उसने नौ लाख रुपये अपने काम और कर्ज उतारने में खर्च कर दिए हैं। अब तीन लाख रुपये उनके पास बचे हैं। वारदात की सूचना पर सीएम चौहान ने मध्यप्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा एवं समन्वय) अनंत कुमार और अपर आवासीय आयुक्त मध्य प्रदेश भवन श्रीप्रकाश को झज्जर भेजा था। दोनों अधिकारियों ने झज्जर लघु सचिवालय में स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पीड़ित परिवार से बात की। साथ ही 25000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई थी। अधिकारियों ने चार लाख रुपये की राशि परिवार के खाते में डालने का आश्वासन दिया था।
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ट्विटर पर की कार्रवाई की थी मांग
एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया था कि ‘‘हरियाणा के झज्जर में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। इस विषय में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात कर आरोपी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।’’ मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जवाब में ट्वीट कर कहा था कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह में अदालत में पेश किया चालान
20 दिसंबर की रात को 5 साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एक सप्ताह के अंदर चालान पेश कर दिया था। पुलिस की तरफ से अदालत में चालान पेश करने से पहले मामले में ठोस सबूत एकत्रित किए थे ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके। पुलिस ने पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई थी। पुलिस ने मासूम के परिजनों के बयान पर मोहल्ले के ही विनोद के खिलाफ बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
बच्ची की मां को नहीं मिली थी पुलिस से मदद
वारदात की रात को जब बच्ची की मां और पिता पूर्व विधायक दरियाव सिंह राजौरा के बेटे को लेकर आरोपी के घर पहुंचे तो कमरा अंदर से बंद था। बच्ची के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। इसके बाद बच्ची की मां और पूर्व विधायक के बेटे मदद के लिए सिटी थाना पहुंचे लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। फिर वे रात में ही पुलिस अधीक्षक के निवास पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को मौके पर भेजा लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। वारदात के बाद तात्कालीन एसपी राजेश दुग्गल भी रात को ही मौके पर पहुंच गए थे।
जन्म दिन को ही दिया वारदात को अंजाम
आपराधिक प्रवृत्ति के युवक विनोद उर्फ मुन्ना ने जन्मदिन की रात पांच साल की बच्ची का अपहरण कर उससे दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी थी। इससे पहले आरोपी ने मध्यप्रदेश निवासी बच्ची के पिता को पीटा था और उसकी मां के साथ भी दुष्कर्म का प्रयास किया था।
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