बहादुरगढ़ में इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह अनसुलझी है। हालांकि इस मामले में दो शूटर गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन पुलिस को उनसे अभी कोई अहम सुराग नहीं मिले हैं। आरोपियों को कोर्ट ने 8 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी हुई है।
दोनों आरोपियों को मंगलवार को क्राइम सीन पर ले जाकर री-क्रिएट किया गया। आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में फरार तीन शूटर विदेश भाग सकते हैं। उन्हें पकड़ने के लिए हरियाणा एसटीएफ, दिल्ली की स्पेशल सेल और झज्जर पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।
25 फरवरी को बराही फाटक के नजदीक इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को पुलिस दो आरोपियों आशीष उर्फ बाबा और सौरव को गोवा से गिरफ्तार करके लाई थी। हत्याकांड की जिम्मेदारी पिछले दिनों सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करके नजफगढ़ के कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने ली थी।
दिल्ली स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, चर्चित नजफगढ़ मर्डर, फरीदाबाद मर्डर और नफे सिंह राठी मर्डर, तीनों हत्याकांड का सूत्रधार गैंगस्टर नंदू ही है। नफे सिंह की हत्या के बाद से ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम लगातार केस से जुड़े सभी लिंक और लोकेशन को ट्रेस कर रही है। जांच टीमों ने तीन शूटर के विदेश भागने की आशंका जताई है। हालांकि उनके ठिकानों पर पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
नंदू देश से इस तरह भागने में हुआ था कामयाब
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2020 में नंदू को एक महीने के पैरोल पर रिहा किया गया था। इसी दौरान वह ब्रिटेन भागने में सफल रहा। उन्होंने बताया कि नंदू ने उत्तर प्रदेश के बरेली से फर्जी पासपोर्ट बनवाया और थाईलैंड के रास्ते दुबई पहुंचा था। इसके बाद वह ब्रिटेन जाकर बस गया। अब वहीं से गैंग ऑपरेट कर रहा है। हालांकि हरियाणा पुलिस ने उसे ब्रिटेन से लाने के लिए काम शुरू कर दिया है।
बेकाबू हो रहा विदेश में बैठा नंदू
पिछले साल अप्रैल में दिल्ली के द्वारका इलाके के भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या भी नंदू ने करवाई थी। कारोबारियों से करोड़ों रुपये की जबरन वसूली कर रहे नंदू ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। फरीदाबाद में जनवरी में हुई बल्लू पहलवान और 25 फरवरी को बहादुरगढ़ में बराही फाटक के पास नफे सिंह के मर्डर से साबित होता है कि नंदू विदेश से गैंग का संचालन कर रहा है।
जीजा के मर्डर से हुआ आक्रामक
दिल्ली के नजफगढ़ के मंजीत महाल के गुर्गों ने नंदू के जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर का वर्ष 2015 में मर्डर किया था। नंदू ने उसी रात हत्या में शामिल महाल के राइट हैंड नफे सिंह उर्फ मंत्री के घर जाकर उसके पिता की हत्या तो मां-पत्नी को जख्मी किया। दूसरे आरोपी धर्मेंद्र के पिता और भाई को भी मार दिया था। नंदू ने 29 जनवरी 2017 को महाल के पिता कृष्ण कुमार का कत्ल करवाया। इस गैंगवार में कई हत्या हो चुकी हैं। नंदू अपने भाई ज्योति बाबा के साथ जून 2019 में पैरोल पर आया और 2020 में ब्रिटेन भाग गया था। इसके बाद वह वहीं से अपने गैंग को ऑपरेट कर रहा है। ज्योति बाबा फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
पुलिस की आठ टीमें फरार आरोपियों के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एयरपोर्ट पर अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा। गिरफ्तार हुए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
-डॉ. अर्पित जैन, एसपी झज्जर।