फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध खनन करते पकड़े गए वाहन मालिकों पर केस

विज्ञापन
विज्ञापन
बहादुरगढ़। रोहतक और झज्जर में मई में मिट्टी चोरी करने के आरोप में खनन एवं भू विज्ञान विभाग ने 20 से ज्यादा वाहनों को पकड़ा था। अब इस मामल में वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इन वाहन मालिकों पर मिट्टी चोरी करने और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप है।
विज्ञापन

ऐसा ही एक मामला बहादुरगढ़ के थाना सदर पुलिस में चरखी दादरी के पांडवा निवासी गिरिराज के खिलाफ दर्ज करवाया गया है। 10 मई 2021 को अवैध खनन की रोकथाम के लिए गठित की गई विभाग की एक टीम ने नूना माजरा में निरीक्षण के दौरान गिरिराज के ट्रक को पकड़ा था। इस पर खनन अधिनियम और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश के अनुसार उसे थाना सदर में बंद किया गया था।
एनजीटी के आदेश पर इस ट्रक के मालिक और चालक पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि व चालान किया गया था। यह राशि तीन माह के अंदर जमा करवानी होती है। अगर कोई इस राशि को जमा करवाकर अपना वाहन नहीं छुड़वाता है तो एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कराया जाता है। गिरिराज ने न तो यह राशि जमा कराई और न ही अपने ट्रक को छुड़वाया। ऐसे में खनन अधिकारी गुलशन कुमार अरोड़ा की शिकायत पर गिरिराज के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। गुलशन ने बताया कि इस तरह के 20 से ज्यादा ट्रक रोहतक व झज्जर में पकड़े गए थे, जिनका संबंधित थाने में मामले दर्ज कराए गए हैं।
विज्ञापन

ऐसे होती है नुकसान की पूर्ति
मिट्टी के अवैध खनन के आरोप में पकड़े जाने पर वाहनों पर दो से चार लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि अलग-अलग श्रेणी के अनुसार वसूली जाती है। इसके अलावा चालान व मिट्टी चोरी का जुर्माना भी 25 से 30 हजार रुपये हो जाता है। यह राशि तीन माह के अंदर-अंदर जमा करवानी होती है।
खनन अधिकारी का कहना
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश पर तीन माह तक पर्यावरण क्षतिपूर्ति और चालान की राशि जमा नहीं करने पर जब्त वाहन के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है। विभाग की ओर से रोहतक व झज्जर जिले में अवैध खनन करते जब्त किए गए जिन वाहन मालिकों ने यह राशि जमा नहीं कराई उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। दोनों जिलों में इनकी संख्या 20 से ज्यादा है। -गुलशन कुमार अरोड़ा, खनन अधिकारी, खान एवं भूविज्ञान विभाग रोहतक-झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें