राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 बी के छारा गांव नाके से टोल फ्री कराने के मामले में पुलिस ने
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के 10-12 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। छारा टोल प्लाजा के प्रबंधक ने इसकी शिकायत की थी। प्रबंधक का आरोप है कि टोल फ्री होने से कंपनी को काफी नुकसान हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
टोल प्लाजा के प्रबंधक जींद के लक्ष्मी नगर निवासी रवि कुमार ने आसौदा थाना पुलिस को बताया कि शनिवार को करीब 10 बजे किसान यूनियन के 10-12 कार्यकर्ता टोल प्लाजा में आए और अपनी मांगों को लेकर टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी करके टोल प्लाजा कर्मचारियों को टोल बूथ से बाहर निकाल दिया और सभी बैरियर हटा दिए। इससे टोल गेट मुक्त हो गए और तमाम वाहन बिना टोल शुल्क दिए मुफ्त जाने लगे। किसानों का यह धरना 12 बजे समाप्त हुआ और उसके बाद ही टोल शुल्क की वसूली शुरू हुई। इस तरह टोल वसूली दो घंटे तक नहीं हो सकी। इससे कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
अज्ञात में केस सीसीटीवी फुटेज से होगी पहचान
पुलिस ने प्रबंधक की शिकायत पर मामला अज्ञात में दर्ज किया है लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से धरना प्रदर्शन कर टोल फ्री कराने वालों की पहचान करने की कोशिश करेगी। इसके बाद पुलिस आरोपी किसानों के नाम खोलेगी।
कोट
टोल प्रबंधक की शिकायत पर अज्ञात किसानों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। टोल से फुटेज लेकर टोल फ्री कराने वालों की पहचान की जाएगी।
अशोक कुमार, थाना प्रभारी आसौदा