झज्जर। गांव मुंदसा की अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ गांव के ही कुछ लोगों के दुर्व्यहार से आक्रोशित शहर की जाटव धर्मशाला में भीम आर्मी के पदाधिकारी व मुदंसा गांव के ग्रामीण एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए वे शहर के लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर पुलिस अधिकारियों से उन्होंने कार्रवाई की मांग की।
भीम आर्मी के प्रधान नवाब सतपाल तंवर ने कहा कि मौजूदा समय में किसी से डरने की जरूरत नहीं है और समाज को हमेशा आगे रहना चाहिए और अपने बच्चों को शिक्षा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 24 फरवरी को गांव मूंदसा में धर्मवीर की पत्नि के साथ गांव के प्रभावशाली लोगों ने दुर्व्यहार किया था। जिसको लेकर मातनहेल चौकी में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया था, लेकिन कोई भी गिरफ्तारी नहीं होने के कारण और बार-बार पीड़िता को धमकी मिलने के बाद भीम आर्मी के पदाधिकारी शहर की जाटव धर्मशाला में एकत्रित हुए। उसके बाद आंबेडकर चौक, बीकानेर चौक, राव तुलाराम चौक से होते नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। लघु सचिवालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भारती डबास, डीएसपी राहुल देव से भीम आर्मी के प्रमुख सतपाल तंवर से बातचीत हुई। मुंदसा गांव के मामले के समाधान करने के लिए एक महीने का समय पुलिस विभाग की ओर से मांगा गया। वहीं पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति को भी पिछले दिनों गांव के इन लोगों ने गाड़ी से टक्कर मारकर उसे कुचल दिया था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि उसका पति ठेकेदारी के तहत बिजली विभाग में नौकरी कर रहा था। उसका आरोप है कि गांव मूंदसा के जितेंद्र, जसवीर, लीलू नामक व्यक्तियों पर मामला दर्ज कर लिया गया था लेकिन महीनों बीतने के बाद भी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस दौरान सतपाल तंवर, अनिल तंवर राष्ट्रीय प्रभारी, अभय सिंह राष्ट्रीय महासचिव अमन के अलावा काफी संख्या में भीम आर्मी के सदस्य व ग्रामीण मौजूद रहे।