बहादुरगढ़। कई दिनों से बिजली कटौती से जूझ रहे कानोन्दा गांव के ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने बहादुरगढ़-नाहरा नाहरी मार्ग पर जाम लगा दिया। उन्होंने बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम में फंसे यात्रियों का गर्मी और उमस से बुरा रहा रहा। मौके पर पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम खोला।
कानोंदा के ग्रामीणों का कहना था कि सरकार की जगमग योजना के तहत उन्होंने दो महीने पहले ही अपने बिजली मीटर घरों से बाहर लगवा लिए थे, लेकिन जगमग योजना की सुविधा अभी तक नहीं मिली है। गांव की 10 हजार की आबादी है लेकिन केवल छह घंटे दिन में और छह घंटे ही रात को बिजली मिलती है। इतना कम समय बिजली मिलने से ग्रामीण बहुत परेशान रहते हैं। बिजली निगम के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। इसी से नाराज ग्रामीण मंगलवार ने बस अड्डे फिरनी के पास ट्रैक्टर ,ऑटो, और अन्य अवरोधक लगाकर मार्ग को जाम कर दिया और बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पर बिजली निगम के एसडीई आरएन हुड्डा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने लगे। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और एक्सईएन को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। बाद में एक्सईएन अजय कोहाड़ ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी बातें सुनकर उनकी समस्या का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने निगम अधिकारियों को चेताया कि यदि रविवार तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
ग्रामीणों के जाम लगाने के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाहनों में फंसे यात्रियों का गर्मी और उमस से बुरा हाल रहा। जाम लगने की वजह से अधिकांश लोग दूसरे मार्ग से अपने वाहनों को लेकर गए। सूचना पर थाना सदर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
बिजली निगम पर पक्षपात का आरोप
गांव के पूर्व प्रधान अशोक कुमार, मांगेराम, सत्ते प्रधान, पंडित देवेंद्र प्रधान, अनिल वाल्मीकि, मंजीत व अनिल ने कहा कि कई बार ग्रामीण बिजली समस्या हल को लेकर निगम के अधिकारियों को भी अवगत करा चुके थे लेकिन उसके बाद भी जब समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ा। उनका आरोप था कि पास के गांवों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है हमारे गांव से पक्षपात किया जाता है।