झज्जर। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की मांगों को मुख्यमंत्री के साथ चंडीगढ़ में हुई बैठक के दौरान मान लिया गया था और धरने को समाप्त करने के लिए भी कहा गया था। उसके बाद भी वीरवार को लघु सचिवालय में आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का धरना जारी रहा।
वर्कर्स का कहना कि सरकार ने उनकी सभी मांगों को नहीं माना है जिसके कारण उनका धरना प्रदर्शन आगामी पांच जनवरी तक चल सकता है। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की प्रदेशाध्यक्ष छोटा गहलावत ने कहा कि सीएम व महिला बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा से तालमेल कमेटी के सदस्यों की मुलाकात चंडीगढ़ में हुई थी, लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की सभी मांगों को सरकार की ओर से नहीं माना गया है। जिसको लेकर वर्कर्स व हेल्पर्स में अभी भी रोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें कुशल व अर्धकुशल का दर्जा नहीं देना चाहती है और वर्कर्स व हेल्पर्स की मासिक पेंशन की सहमति नहीं बन पाई है। रिटायरमेंट की राशि भी काफी कम देने की बात कही जा रही है। आगामी पांच जनवरी तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा और प्रदेश स्तरीय रैली भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार पोषण ट्रैकर एप से ऑनलाइन काम करवाना चाहती है, जोकि वर्कर्स के लिए काफी कठिन प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि वर्कर्स ने हाईकोर्ट से स्टे ली हुई है जो भी हाईकोर्ट फैसला सुनाएगा हमें वह मंजूर है। सरकार आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स पर ऑनलाइन ट्रैकर पर ही काम करने के लिए दबाव बना रही है। कहा जा रहा है कि काम नहीं किया तो आपकी तनख्वाह काट दी जाएगी और आपको नौकरी तक से निलंबित कर दिया जाएगा।