झज्जर अस्पताल के गलियारे में रखा शव।
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हरियाणा के झज्जर में वेंटिलेटर के अभाव में सामान्य अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। सुबह कर्मचारियों ने महिला के शव को पीपीई किट में बंद कर अस्पताल की गैलरी में ही छोड़ दिया। वहां से ही लोगों का आवागमन भी लगा रहा।
छावनी मोहल्ला निवासी कपूरी देवी (66) पत्नी जगदीश को 3 मई को कोरोना संक्रमित होने के बाद सांस में आई दिक्कत व ऑक्सीजन लेवल में गिरावट आने के कारण सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला का ऑक्सीजन लेवल ठीक न होने के कारण उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया था। चिकित्सकों ने वेंटिलेटर की आवश्यकता बताते हुए परिजनों को कहा था कि कहीं पर वेंटिलेटर वेंटिलेटर की सुविधा हो तो उसका पता करें। लेकिन कहीं पर भी वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिली। इसके बाद आधी रात को महिला की मौत हो गई। सुबह महिला के शव को पीपीई किट में बंद कर अस्पताल की गैलरी में ही कर्मचारियों ने छोड़ दिया।
मृतका के देवर शेर सिंह का कहना है कि कपूरी देवी की उल्टियां नहीं रुकी और उनका ऑक्सीजन लेवल ठीक नहीं आया तो चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी थी लेकिन जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर न होने के कारण उनकी मौत हो गई।
किसी भी सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है । प्राइवेट अस्पताल में ही वेंटिलेटर की सुविधा है। - डॉ चंद्रभान, एसएमओ, सामान्य अस्पताल, झज्जर।