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नागरिक अस्पताल में सामान्य बीमारी के मरीजों को खल रही बेड की कमी

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झज्जर। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जिले के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। प्राइवेट अस्पतालों के सहारे वेंटिलेटर का काम चलाया जा रहा है। इन अस्पतालों में 28 बेड वेंटिलेटर सुविधा वाले हैं। इनमें से 24 पर मरीजों को भर्ती किया गया है, जबकि मात्र 4 बेड खाली हैं। इसके अलावा आईसीयू वाले बेडों की बात की जाए तो सरकारी अस्पतालों में यह भी नहीं है। जिले में प्राइवेट अस्पतालों में 167 गए आईसीयू सुविधा वाले हैं। इनमें से 149 पर मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें से भी मात्र 18 बेड फिलहाल तक खाली हैं। झज्जर के सरकारी अस्पताल की बात की जाए तो यहां पर कोरोना संक्रमण के लिए तो बेड है व ऑक्सीजन की सुविधा है। लेकिन सामान्य मरीजों को अस्पताल में बेड की कमी खल रही है। सामान्य वार्ड में तीमारदारों को बैठने के बनाए गए स्लैब पर भी एक मरीज को ऑक्सीजन लगाकर लेटाया गया था।
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परिजन लगाते हैं वेंटिलेटर वाले खाली बेडों का पता
हालांकि जिन मरीजों को वेंटिलेटर कि अचानक आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें सरकारी अस्पतालों से वेंटिलेटर वाले अस्पतालों में रेफर करने से पहले बेड की स्थिति की जांच के लिए परिजनों को कहा जाता है। अगर वहां पर कोई बेड खाली मिल जाता है तो उसके लिए भी उन्हें सिफारिश करवानी पड़ती है। फिलहाल ऑक्सीजन वाले 507 बेड हैं, इनमें 391 पर मरीजों को भर्ती किया गया है। हालांकि जिले के मरीजों को देखा जाए तो यहां के मात्र 94 कोरोना संक्रमित मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी मरीज एनसीआर क्षेत्र से भर्ती किए गए हैं।
फिलहाल तक कोरोना संक्रमितों के लिए बेड व ऑक्सीजन की स्थिति ठीक है। कई बार मरीज अधिक होने की वजह परेशानी आ जाती है। फिलहाल स्थिति ठीक है। संक्रमितों के लिए वेंटिलेटर वाले 18, आईसीयू के 4 व ऑक्सीजन वाले 116 बेड खाली हैं। कुल 138 बेड खाली हैं।
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- डॉ. रणवीर सिंह, उप सिविल सर्जन, झज्जर।
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