बच्चों के तापमान की जांच करती शिक्षक।
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प्रदेश सरकार ने पहली से तीसरी कक्षा तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूल खोल दिए हैं। विभाग की तरफ से कहा गया है कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक है और शारीरिक दूरी बनाने के लिए जगह कम है तो उन स्कूलों में 50 फीसदी बच्चों को बुलाया जाए। स्कूलों में इन कक्षाओं को शिक्षा विभाग की ओर से जारी एसओपी का पालन करते हुए चलाया जाएगा। सोमवार को जिले के 292 सरकारी स्कूलों में में 6842 बच्चों को बुलाया जाना था इनमें से 4117 बच्चे स्कूलों में पहुंचे जबकि स्कूलों में कुल 13684 विद्यार्थी हैं। स्कूलों में बच्चों के आगमन को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थी। सुबह ही बच्चे निर्धारित समय के अनुसार स्कूलों में पहुंचे। स्कूलों में गेट पर ही बच्चों के अभिभावकों के अनुमति पत्रों की जांच की और थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच की।
कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के पालन में राज्य के स्कूलों को बंद किया गया था। छठी से बारहवीं तक की कक्षाओं को 23 जुलाई को शुरू किया था जबकि चौथी और पांचवीं की कक्षाओं को एक अगस्त को खोला गया था। अब 20 सितंबर से पहली से तीसरी तक की कक्षाएं शुरू होंगी। कोरोना महामारी के दौरान पहली बार लगे लॉकडाउन के बाद पहली से तीसरी तक के विद्यार्थी भी अब स्कूलों में पहुंचेंगे। सरकार की तरफ से अब पहली से तीसरी तक के बच्चों को भी स्कूलों में पढ़ाई करवाने की अनुमति दे दी है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी नियमों के अनुसार माता-पिता की पूर्व अनुमति के साथ छात्र को स्कूल में आने की अनुमति होगी। स्कूल में हर छात्र के तापमान की जांच होगी।
शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों के मुखियाओं को नियमों के पालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग की तरफ से कहा गया है कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक है और बैठने का स्थान कम है तो 50 फीसदी बच्चों को वहा पर बुलाया जाएगा। - सुदर्शन पूनिया, नोडल अधिकारी ऑनलाइन शिक्षा, झज्जर।