हरियाणा में दलित युवक की हत्या के बाद राज्य में सियासी माहौल गरमा गया है और कांग्रेस के दो धड़ों के बीच विवाद फिर से सामने आने लगा है।
हरियाणा में दलितों की स्थिति पर केंद्रीय मंत्री और दलित नेता कुमारी शैलजा ने हरियाणा सरकार को आड़े हाथों लिया।
शैलजा ने बृहस्पतिवार को दलित युवक के घर से लौटने के बाद कहा कि हरियाणा में दलित होना क्या पाप है? अगर दलित सुरक्षित नहीं है और सरकार कुछ नहीं कर रही है तो यह कहा जा सकता है यहां दलित होना पाप है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में हरियाणा में दलितों पर अत्याचार की कई घटनाएं सामने आई हैं। हुड्डा सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
कुमारी शैलजा इस समय केंद्र में आवासीय और शहरी गरीबी उन्मूलन और सांस्कृतिक मंत्री हैं। वह राज्य से चार बार सांसद रह चुकीं हैं।
रेलवे ट्रेक पर मिली लाश
एक दलित युवक की पुलिस कस्टडी के दौरान मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले रहा है। अंबाला के मजरी में रहने वाला राम कुमार 15 अक्तूबर को रेवले ट्रैक पर मृत पाया गया था लेकिन इस दौरान उसे पुलिस हिरासत में होना चाहिए था।
राम कुमार और उसके एक दोस्त विक्रम को पुलिस एक दिन पहले ही पकड़ कर ले गई थी। अब पुलिस पर उन दोनों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
हिरासत से भागे विक्रम का भी आरोप है कि पुलिस ने उसे भी प्रताड़ित किया। विक्रम ने बताया कि वह खेतों में छुप गया था। उसने देखा की कुछ पुलिसवालों ने उसके दोस्त को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था।
तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार
केंद्रीय मंत्री शैलजा ने कहा कि उनके जोर देने पर पुलिस ने एफआईआर में एसएसी/एसटी कानून के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में दो सहायक पुलिस अधीक्षकों और एक हेड कांस्टेबल को बुधवार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कुछ दिन पहले कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया था कि राज्य में पार्टी का एक हिस्से उन्हें डराने की कोशिश कर रहा है। अपने निर्वाचन क्षेत्र से एक ट्रेन को हरी झंडी दिखाते समय ट्रेन की खिड़की से उन पर पत्थर फेंका गया था।
अंबाला के विधायक विनोद शर्मा भी मृत युवक की अंत्येष्टि में शामिल हुए और पांच लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की।