हरियाणा के जिला फतेहाबाद में चार मरला कालोनी की नटखट गिफ्ट गैलरी के संचालक पर दुराचार का आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने के मामले में अदालत में तीन मुख्य गवाह अपने बयान से मुकर गए।
अदालत ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया और शिकायतकर्ता को गवाहाें के खिलाफ शिकायत करने को कहा है।
शुक्रवार को शहर थाना प्रभारी ने सीआरपीसी की धारा 340 के तहत तीनाें के खिलाफ इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दी है।
22 मई 2013 को नारनौंद के गांव कापड़ा निवासी सरोज ने राजबीर और गांव समैण निवासी कर्मबीर के साथ मिलकर चार मरला कालोनी की नटखट गिफ्ट गैलरी के संचालक अतुल कुमार को षड्यंत्र के तहत दुराचार के आरोप में फंसा दिया।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर अतुल कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। बाद में महिला के साथियाें ने अतुल से समझौते के नाम पर 6 लाख रुपये की डिमांड की थी।
पुलिस ने जब महिला का मेडिकल करवाने को कहा तो महिला ने मना कर दिया। पुलिस ने एक स्टिंग ऑपरेशन करके महिला और उसके साथियाें को ब्लैकमेल करते दबोच लिया।
इसके बाद तीनाें पर ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया था। इसमें पार्षद पति चंद्र मेहता, सन्नी गुलाटी और अजुल ने गवाही दी थी।
तीनाें गवाहाें ने लिखित बयान दिया था कि उनके सामने ही पैसाें की डीलिंग हुई थी और तीनाें ने ही पुलिस के गवाह के तौर पर दस्तावेजाें पर हस्ताक्षर किए थे।
इसके अलावा पुलिस के पास मोबाइल डिटेल, फोटोग्राफ और दो अन्य गवाह थे। अदालत की कार्रवाई के दौरान पार्षद पति चंद्र मेहता, सन्नी गुलाटी व अजुल अपने बयानों से मुकर गए। तीनाें ने पूर्व में दिए गए बयान से इंकार कर दिया।
हालांकि, अन्य सबूताें के आधार पर अतिरिक्त मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी सोनिका गोयल की अदालत ने तीनों आरोपियाें को तो सात साल की सजा सुना दी।
साथ ही तीनाें गवाहाें के मुकरने पर कड़ा संज्ञान लिया। क्याेंकि इस मामले में शिकायतकर्ता पुलिस थी।
अदालत ने सरकारी वकील मीरा गरवा और पुलिस को सीआरपीसी की धारा 340 के तहत आदेश दिया कि वे इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में तीनाें के खिलाफ शिकायत दायर करें। तीनाें गवाहाें के खिलाफ अदालत शीघ्र ही नोटिस जारी करेगी।