कृष्णा नगर में रहने वाले राकेश पंडित ने घरेलू कलह के चलते 11 जून की सुबह घर के अंदर लाइसेंसी रिवाॅल्वर से गोली मार की अपनी पत्नी सुमन और दो साले मंजीत व जितेश की हत्या कर दी थी। पार्षद का चुनाव लड़ चुके और कृष्णा नगर निवासी राकेश पंडित का अपनी पत्नी सुमन के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। वारदात से पहली वाली रात को सुमन ने अपने भाइयों धनाना निवासी मंजीत के पास फोन किया था।
अगले दिन 11 जून को मंजीत और उसका भाई जितेश अपनी बहन के घर आए थे। चारों घर के आंगन में बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान साले ने राकेश को थप्पड़ जड़ दिया था। इसी बात को लेकर उसने लाइसेंसी रिवाॅल्वर से गोली मार तीनों की हत्या कर दी थी। तीनों के सिर के पास गोली मारी हुई थी।
जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव मुगलपुरा में 10 जुलाई की सुबह पति ने पत्नी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। बेटी को भी गोली के छर्रे लगे हैं। दरअसल मुगलपुरा निवासी रामनिवास शराब पीने आदी था। इसी बात को लेकर अक्सर पति और पत्नी के बीच झगड़ा होता था।
वारदात वाले दिन रामनिवास ने सुबह ही शराब का सेवन किया था। नशे में उसने बेटी को अपनी लाइसेंसी बंदूक लाने की बात कहीं और कहा कि आज तो कबूतर उडेंगे। बेटी ने अपने पिता को बंदूक लाकर दे दी। उसके बाद उसने हवाई फायर किया था। जब पत्नी सुरता देवी ने उसे टोका तो उसने पत्नी की गोली मार कर हत्या कर दी। और मौके से फरार हो गया।
किसी न किसी वजह से रिश्तों में खटास आ जाती है। जब ऐसा होता है तो आपस में बैठकर एक दूसरे से बातचीत करनी चाहिए और उसका समाधान निकालना चाहिए। बात करने से ही खटास दूर होती है मारने से नहीं। कई बार ऐसी बातें होती हैं तो घर पर शेयर नहीं की जा सकती तो इस बारे में मनोचिकित्सक से सलाह ले सकते हैं। मनोचिकित्सक द्वारा जो बात होती हैं उसे गुप्त रखा जाता है। जो बात दिमाग में चल रही होती हैं वह धीरे-धीरे गुस्से के रूप में बाहर आती है और उसका अंजाम बुरा होता है। ऐसे में समय रहते परिवार से या मनोचिकित्सक से बात करें और मन में जो खटास है उसे दूर करें। - मनोचिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार