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Drone Training: ड्रोन पायलट बन महिलाएं बन सकती हैं स्वावलंबी, हिसार के टीटीसी सेंटर से सीख रही ड्रोन उड़ाना

Fri, 05 Jan 2024 10:42 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

ड्रोन बनाने वाली कंपनी की ओनर राधिका गोयंका व शंकर गोयंका ने बताया कि वे ड्रोन वाव गो कृषि विमान नाम से ड्रोन बनाते हैं। सात दिन का कोर्स करवाया जाता है और 25000 रुपये फीस ली जाती है। जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से लगती है।
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ड्रोन का पायलट प्रशिक्षण लेती महिला प्रतिभागी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेती में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसको लेकर महिलाएं भी ड्रोन दीदी प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन पायलट बनकर रोजगार प्राप्त कर सकती हैं। हिसार के टीटीसी सेंटर में महिलाओं व युवतियों को ड्रोन पायलट बनाने का कोर्स करवाया जा रहा है। इस कोर्स में 18 साल से 60 साल तक उम्र की महिलाएं हिस्सा ले सकती हैं।

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एक सप्ताह के इस कोर्स के लिए 25000 रुपये फीस निर्धारित की गई है। कोर्स पूरा होने पर सरकार की तरफ से ड्रोन पायलट का प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है। फरवरी माह तक 60 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। खेती से जुड़ी महिलाएं इसे अपनाकर अपना समय बचा सकती है और खेती से न जुड़ी महिलाएं इसको बिजनेस के तौर पर कर रुपये कमा सकती हैं।

किसान खेतों में लिक्विड फर्टिलाइजर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रक्रिया को आसान करने के लिए अब खेतों के ऊपर ड्रोन उड़ाकर लिक्विड खादों का छिड़काव किया जा रहा है। खेतों पर ड्रोन उड़ाने के लिए सबसे पहले पुरुषों का चयन किया गया था, लेकिन अब इसमें महिलाएं भी आगे आ रही हैं और ड्रोन पायलट बनकर रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं ।टीटीसी में गत दिवस पूरे हुए कोर्स में पंजाब की 6 लड़कियों के एक बैच ने ट्रेनिंग ली है।
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खेती में ड्रोन के फायदे

  • एक बार में ड्रोन 10 लीटर तक स्प्रे या लिक्विड लेकर उड़ सकता है, और आसानी से खतों में स्प्रे कर सकता है।
  • फसलों को कीटनाशकों से बचाव करने वाले स्प्रे को एक जगह खड़े होकर ड्रोन की सहायता से आसानी फसलों पर छिड़काव किया जा सकता है और स्प्रे का दुष्प्रभाव भी मानव शरीर पर नहीं पड़ेगा।
  • एक दिन में आसानी से 20 से 25 एकड़ में किसान कीटनाशक स्प्रे का छिड़काव कर सकता है। इससे किसान को पैसे, पानी और समय की बचत होगी।
  • खेतों में स्प्रे करते समय जहरीले जानवर के काटने का डर नहीं रहेगा। क्योंकि ड्रोन से छिड़काव करते समय किसान को फसल के बीच में नहीं जाना पड़ेगा वह एक जगह खड़ा होकर फसलों पर कीटनाशक स्प्रे का छिड़काव आसानी से कर पाएगा।

महिलाएं कृषि ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग लेकर आत्म निर्भर बनेंगी
ड्रोन बनाने वाली कंपनी की ओनर राधिका गोयंका व शंकर गोयंका ने बताया कि वे ड्रोन वाव गो कृषि विमान नाम से ड्रोन बनाते हैं। सात दिन का कोर्स करवाया जाता है और 25000 रुपये फीस ली जाती है। जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से लगती है। दो दिन पहले ही पंजाब की 6 लड़कियों का एक बैच ड्रोन पायलट बनकर गया है। महिलाएं कृषि ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग लेकर आत्म निर्भर बनेंगी साथ ही सफल उद्यमी बनेंगी और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेंगी।

उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को ड्रोन उड़ाना, रिपेयर करना, रख-रखाव आदि से लेकर ड्रोन से संबंधित अन्य सभी नियम कायदों के बारे में अवगत कराया जाता है। महिलाएं एक एकड़ में स्प्रे करने के लिए करीब 500 रुपये लिए जा रहे हैं। एक बार में ड्रोन 10 लीटर लिक्विड लेकर उड़ सकता है और एक एकड़ में करीब 5-6 मिनट में छिड़काव कर सकता है।

ड्रोन दीदी प्रोजेक्ट के तहत टीटीसी के पहले बैच में ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण लेने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही मीनू ने बताया कि ड्रोन पायलट बनकर वह अन्य महिलाओं को जागरूक करेगी, जिससे महिलाएं भी पुरुष किसानों के साथ खेती में अच्छे से उनका सहयोग कर सकें। किसान परिवार से संबंध रखने के कारण उसने ड्रोन चलाना सीखा था। महिलाएं इसे अपनाकर अपना व्यवसाय भी शुरू कर सकती हैं। प्रशिक्षण के बाद से अब मीनू खुद महिलाओं को ट्रेनिंग देंगी। 

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