हिसार। नशे की बुरी लत से परिवारों के हालात बुरे होते जा रहे हैं। कई परिवार बिखरने की कगार तक पहुंच चुके हैं। नशे ने महिलाओं और बच्चों का सुखचैन छीन लिया है। यही कारण है कि महिलाएं खुशी जीवन जीने के लिए नागरिक अस्पताल के सुकून सेंटर पहुचने लगी हैं। पिछले चार महीनों में सुकून सेंटर में 88 केस आए, जिनमें से 50 केस में महिलाएं नशे के कारण प्रताड़ित मिलीं।
नशा करने के लिए पति ने बेच दिए गहने
केस-1
सुकून सेंटर में पहुंची पटेल नगर की 38 वर्षीय महिला ने बताया कि पति काफी समय से नशे की लत में पड़ा है। नशे के कारण उसने मेरे सारे गहने तक बेच दिए। यहां तक कि घर का जरूरी सामान भी बेच दिया। जब उसे नशा न करने के लिए रोकती हूं तो मारपीट करता है। इसका असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। मजदूरी के बाद जो मेहनताना मिलता है उसे घर पर रख देती हूं, लेकिन, पति उसे भी चोरी कर लेता है। कई बार समझाने के बाद भी वह नहीं माना। एक दिन जब उसका विरोध किया तो हथौड़े से सिर फोड़ दिया। सुकून सेंटर में आने के बाद महिला के पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई।
घर चलाने के लिए कोई खर्च नहीं देता
केस-2
शाहपुर गांव की रहने वाली 27 वर्षीय महिला का कहना है कि उसका पति चिट्टा का नशा करता है। दो तीन साल से नशा करता आ रहा है। जिस कारण मुझे मजदूरी करनी पड़ रही है। जब पति नशा करता है तो मेरे गला दबा कर मारने का प्रयास करता है। ऐसा वह कई बार कर चुका है। विरोध करती हूं तो मारपीट करता है। घर चलाने के लिए कोई खर्च नहीं देता। जो भी कमाता है उसे नशे में उड़ा देता है। घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है और पारिवारिक स्थिति बिगड़ गई है।
मारपीट से परेशान हूं, नौबत तलाक तक न पहुंच जाए
केस-3
शहर के डोगरान मोहल्ला की रहने वाली 26 वर्षीय महिला का कहना है कि मेरा पति एक साल से नशा कर रहा है। जब नशा कर घर आता है तो मारपीट करता है। मुझे जान से मारने की कोशिश करता है। गाली-गलौज करता है। हर रोज का यही तमाशा बन गया है। पति के कारण आस पड़ोस के लोग भी परेशान हैं। पति के खिलाफ कई बार शिकायतें भी दे चुकी हूं। अब सुकून सेंटर में आई हूं। अगर, पति ऐसे ही नशा करता रहा तो नौबत तलाक तक पहुंच जाएगी।
शारीरिक, आर्थिक, मानसिक परेशान हूं
केस-4
शहर की रहने वाली एक महिला ने बताया कि वह पति द्वारा नशा करने तंग आ चुुकी है। ऐसा एक दिन भी नहीं गुजरता जब पति बिना नशा किए घर आया हो। नशे के कारण पति शारीरिक, आर्थिक और मानसिक परेशान करता है। हर रोज घर में लड़ाई-झगड़ा होता है। कुछ समय पहले तक अच्छे से परिवार चल रहा था अब गुजारा कैसे करें यह नौबत आ चुकी है।
सुकून सेंटर में पिछले चार माह में 88 केस आए हैं। इनमें से 50 से अधिक केस नशे के कारण प्रताड़ित हो रही महिलाओं के हैं। यहां पर आने वाली महिलाओं की काउंसिलिंग की जाती है। पुलिस और कानूनी सहायता मुहैया करवाई जाती है। महिलाओं का कहना है कि उनके पति नशा करते हैं जिस कारण परिवार बिखरा रहा है।
- राहुल शर्मा, काउंसलर, सुकून सेंटर, नागरिक अस्पताल