चालक ने जच्चा-बच्चा को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जींद के सामान्य अस्पताल में उपचार नहीं मिलने पर हिसार रेफर किया था। जानकारी के अभाव में हिसार के बजाय रोहतक पहुंच गए, फिर रोहतक से बस में हिसार जा रहे थे।
स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने के कारण मूलरूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली 23 वर्षीय रोशनी की हरियाणा रोडवेज की बस में डिलीवरी हो गई। बस चालक ने जच्चा-बच्चा को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। नवजात बच्चे का वजन 2.7 किलोग्राम है। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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मूलरूप से उत्तरप्रदेश के बांदा जिला के गांव तेरा निवासी भैरमदीन ने बताया कि वह पारिवारिक सदस्यों के साथ जींद जिला के खेमाखेड़ी गांव के पास सतीश ईंट भट्ठे पर काम करते हैं। वह अपनी पत्नी चंदा, बेटे कासी प्रसाद पुत्रवधू रोशनी के साथ वहीं पर रहते हैं। उनकी पुत्रवधू रोशनी गर्भवती थी। देर रात करीब 12 बजे उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
साधन का इंतजाम कर सुबह करीब पांच बजे जींद के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार नहीं मिला। चिकित्सकों ने उन्हें हिसार के लिए रेफर कर दिया। उन्हें रूट की जानकारी नहीं थी, जिस कारण वह जल्दबाजी में रोहतक पहुंच गए। इसके बाद हिसार के लिए रवाना हुए।
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भैरमदीन ने बताया कि शहर पहुंचने से पहले पुत्रवधू ने बस के अंदर ही नवजात शिशु को जन्म दिया। उस समय उसकी सास और कुनबे की एक महिला पास में थी। बस चालक ने हमारी मदद की। वह बस को नागरिक अस्पताल में ले आया। यहां आने के बाद जच्चा और बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया गया।
आवाज सुनीं तो बस साइड में लगाई
हरियाणा रोडवेज के रोहतक डिपो के चालक राजू ने बताया कि बस को दिल्ली से हिसार लेकर आ रहा था। गर्भवती महिला को ज्यादा प्रसव पीड़ा होनी शुरू हो गई। हिसार पहुंचने से पहले दिल्ली हाईवे पर मिर्जापुर मोड़ पर महिला की आवाज सुनीं तो बस को साइड में लगा दिया। महिलाओं ने बस में बच्चे का जन्म कराया। इसके बाद बिना देरी किए बस को नागरिक अस्पताल ले गए, बस में यात्रियों ने भी सहयोग किया।