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सर्दी का सितम : स्थायी रैन बसेरे का पता नहीं तो अस्थायी में व्यवस्था बदहाल

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हिसार रेलवे रोड पर रेन बसेरा की बस में नहीं मिली कोई व्यवस्था न चादर मिली न ओढ़ने को रजाई सारी रात ? - फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम के रैन बसेरों को जरूरतमंदों को खास फायदा नहीं मिल रहा है। इसका कारण यह है कि निगम के स्थायी रैन बसेरे के बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं है, वहीं अस्थायी में व्यवस्थाएं बदहाल हैं। उपायुक्त व मेयर के आदेशों के बाद भी निगम प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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बता दें कि जनजीवन नगर में निगम का स्थायी रैन बसेरा है, जबकि तीन रोडवेज बसों को अस्थायी रैन बसेरे के रूप में रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड में खड़ी की हुई है। संवाददाता ने वीरवार को इन रैन बसेरों में व्यवस्था जांची। इस दौरान जनजीवन नगर स्थित रैन बसेरे में एक ही व्यक्ति मिला। चिकनवास निवासी व्यक्ति ने बताया कि वह सुबह यहां आया था तो उसे शाम को आने कहा गया। अब शाम को वह यहां आया है। यहां गद्दे-रजाई को अच्छा प्रबंध है, लेकिन चाय-पानी या खाने का कोई इंतजाम नहीं है।
उधर, रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी की गई बस में हालात काफी खराब है। यहां न गद्दे-रजाई का प्रबंध है और न ही साफ-सफाई। स्थिति यह है कि बस के चारों तरफ सीवर का गंदा पानी जमा है, जो बदबू मार रहा है। संवाददाता जब यहां पहुंचा तो यहां एक व्यक्ति मौजूद था। उसने बताया कि रात को वह यहां आया था, लेकिन यहां न तो रजाई है और न ही गद्दा। मजबूरी में बैठकर ही उसे रात गुजारनी पड़ी। उक्त व्यक्ति ने बताया कि उसे जनजीवन नगर के रैन बसेरे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

हिसार ऋषि नगर के रेन बसेरा में केवल एक ही बेसहारा पहुंचा। संवाद- फोटो : Hisar

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