सुरेंद्र दलाल/अश्वनी कुमार
हिसार। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम में शामिल रही हिसार की उदिता और शर्मिला वीरवार को अर्बन एस्टेट-2 स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने ओलंपिक के सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ओलंपिक का पहला मुकाबला मेडल विजेता नीदरलैंड के साथ था, लेकिन उस टीम के बारे में हमें अधिक जानकारी नहीं थी। कुछ गलतियों के कारण मैच मिस हो गया। वहीं, जर्मनी के साथ कई स्टोक और पेनल्टी मिस होने से मैच गंवाना पड़ा। ग्रेट ब्रिटेन से मैच हारने के बाद हौसला टूटने से लगा था। इसके बाद अगले मुकाबले से पहले कोच ने बेहतर टीमों के खेल का वीडियो दिखाया तो हमने उन कमियों को सुधारा। टीम की कैप्टन रानी रामपाल ने हमें काफी प्रेरित किया। हम पहले ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए तरसते थे। अब वर्ल्ड की छठी रैंक हासिल है। ओलंपिक में चौथा स्थान मिलने पर हौसला बढ़ा है। खिलाड़ियों के साथ-साथ शर्मिला के कोच राजेंद्र सिहाग व प्रवीणा सिहाग और उदिता के कोच आजाद सिंह मलिक ने भी वादा किया कि तकनीकी कमियों को सुधारकर गेम्स जीतेंगे और अगली बार मेडल लेकर अमर उजाला ऑफिस आएंगे।
टोक्यो से अनुशासन का सबक लेकर आई, अगले गेम्स से पदक की उम्मीद
पहले तीन मैच हारने के बाद हमें लगा रहा था हमारा सफर खत्म हो गया है। चौथा मुकाबला करो या मरो वाला था। हमने आयरलैंड के पीसी अटैक और डिफेंस को देखा, फिर उनके सेंटर को क्लोज करते हुए उनको बाहर से खेलने के लिए मजबूर किया। हमारी यह रणनीति कामयाब रही। यहीं से टोक्यो ओलंपिक में हमारी जीत का सफर शुरू हुआ। हमारा मनोबल बढ़ता गया तो पदक की उम्मीद भी बढ़ी। आस्ट्रेलिया की मजबूत टीम के साथ हम क्वार्टर फाइनल में उतरे। पूरी ताकत के साथ टीम के तौर खेलते हुए आस्ट्रेलिया के हर अटैक को रोका। इस मुकाबले को हमने 1-0 से जीत हासिल की। रानी रामपाल, सविता पूनिया का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इस जीत से हम सभी को आगे बढ़ाने की ताकत मिली। पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल के मुकाम तक पहुंची तो सभी को मेडल की उम्मीद हुई, लेकिन सेमीफाइनल में अच्छा खेलने के बावजूद किस्मत का साथ न मिलने से हार का सामना करना पड़ा। बाद में कांस्य पदक के लिए ग्रेट ब्रिटेन से मिली हार ने सभी खिलाड़ियों के सपने को तोड़ दिया। टोक्यो से यहां अनुशासन का सबक लेकर आई हूं। अब आगामी गेम्स में पदक की उम्मीद है।
- जैसा हॉकी खिलाड़ी शर्मिला ने बताया
खेल प्रेमियों ने क्रिकेट छोड़ हॉकी मैच देखा तो काफी खुशी मिली : उदिता
ओलंपिक जैसी बढ़ी प्रतियोगिता में पहले तीन मैच गंवाने के बाद हौसला टूट चुका था। लगने लगा कि क्या हम क्वार्टर फाइनल खेल पाएंगे या नहीं। पूल के मैच खत्म होने पर हम आगे आने का इंतजार कर रहे थे। ग्रेट ब्रिटेन और अर्जेंटीना में से अर्जेंटीना लूज कर जाता है तो हम आगे रहेंगे। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में आस्ट्रेलिया से मैच जीत लिया तो हौसला बढ़ता गया। पहले के मैच में जो कमियां दिखीं उस पर काफी काम किया, जिसकी बदौलत प्रदर्शन में सुधार आया। कांस्य पदक जीतने के लिए पूरी टीम ने जोर लगाया, लेकिन किसी दिन किसी का लक होता है। मैच जीतने के बाद ग्रेट ब्रिटेन की टीम ने कहा था कि आपका गेम शानदार था, लेकिन आज हमारा लक अच्छा था। अब हम अपनी कमियां सुधारेंगे, ताकि आगे हम और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। काफी खुशी कि बात है कि पुरुष हॉकी टीम ने इतने लंबे समय बाद पदक जीता है। हमारे पास मेडल तो नहीं है, लेकिन देशवासियों का पूरा साथ मिला। मैच हारने के बाद सभी की आंखों में आंसू थे, लेकिन खुशी हुई कि उस दिन खेल प्रेमियों ने क्रिकेट का मैच छोड़कर हॉकी का मुकाबला देखा।
- जैसा कि हॉकी खिलाड़ी उदिता ने बताया
हॉकी में लड़कियां आ रहीं आगे, और एस्ट्रोटर्फ बनाने की जरूरत
उदिता का कहना है कि अब हॉकी में काफी लड़कियां आगे आ रही हैं। ऐसे में और एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाने और लड़कियों को प्रेरित करने की जरूरत है। यदि खिलाड़ी को जमीनी स्तर पर सुविधा मिलनी शुरू हो जाए तो वह न केवल अच्छा प्रदर्शन करेगा बल्कि पदक भी जीतेगा। प्रदेश में सुविधाओं की बात करें तो कोई कमी नहीं है। इसके लिए मैं हरियाणा सरकार का धन्यवाद करना चाहूंगी।
अब कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड कप, एशियाड पर फोकस
शर्मिला ने बताया कि आखिरी हार से हारे नहीं बल्कि हौसला बढ़ा है। अब फोकस कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड कप, एशियाड चैंपियनशिप पर रहेगा। इन प्रतियोगिताओं में मेडल लाना है। उदिता ने कहा कि वह थोड़ा आराम करने के बाद फिर से तैयारी में जुट जाएगी। अगर अभी से तैयारी रखेंगे तो मेडल जरूर लाएंगे। अपने देश के लिए खेलते ही जाना है। कई दशकों बाद भारतीय हॉकी का स्वर्णिम युग आया है। अब इसे जाने नहीं देंगे।
हिसार अमर उजाला कार्यालय में पहुंची शर्मिला हॉकी अपने कोच राजेंद्र सिहाग, प्रवीणा सिहाग के साथ- स- फोटो : Hisar
अमर उजाला कार्यालय में अखबार पढ़ते हॉकी खिलाड़ी उदिता और कोच आजाद मलिक।- फोटो : Hisar
अमर उजाला कार्यालय में बातचीत करती उदिता।- फोटो : Hisar