हिसार। जिले में डीएपी के लिए रोजाना किसान चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ ही घर जाना पड़ता है। कुछ किसान रात भर केंद्र के बाहर कतार में लग कर खाद के लिए इंतजार कर रहे हैं। जिले में सरसों की बिजाई पूरी हो चुकी है। अब गेहूं की बिजाई के लिए किसान डीएपी ले रहे हैं। करीब 2.5 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य है। इसमें 1 लाख हेक्टेयर की बिजाई बकाया है, जिसके लिए करीब 12 हजार एमटी डीएपी की जरूरत है। जिले में अब तक कुल 13 हजार एमटी डीएपी आ चुका है। बुधवार को उत्तम कंपनी के डीएपी के 26 हजार बैग आए थे, जो कुछ घंटों में ही बिक गए।
जिले में पिछले दस दिन से खाद का संकट बना है। वहीं, वीरवार को किसान इफको केंद्र पर ताला लटका रहा। स्टाफ की कमी के कारण नई अनाज मंडी में बने इफको किसान सेवा केंद्र को बंद कर दिया गया है। किसानों को अनाज मंडी स्थित इफको केंद्र से ही खाद बांटी जा रही थी। अब एक सप्ताह तक इस केंद्र पर खाद बांटने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। काफी किसान केंद्र के बाहर शाम तक डटे रहे। किसानों का कहना है कि वह तीन-चार दिन से डीएपी खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। यदि जल्द उन्हें खाद नहीं मिली तो वह रोड जाम करने का फैसला ले लेंगे।
इफको के एरिया मैनेजर पवन सास्वत का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण फिलहाल इस केंद्र को बंद कर दिया है। दुर्जनपुर में इफको की इंडियन फार्म फोरस्टी डेवलेपमेंट को-ऑपरेटिव लिमिटिड (आईएफएफडीसी) ब्रांच है। अब यहां का स्टाफ नई अनाज मंडी में इस केंद्र पर खाद का वितरण करेगा। इसको लेकर उन्हें लाइसेंस बनवाने के लिए कहा है। इस काम में एक सप्ताह का समय लग जाएगा। उसके बाद यहां कर्मचारियों की ओर से किसानों को खाद बांटने का काम शुरू किया जाएगा।
चार दिन से खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रोजाना खाद लिए बिना ही घर जा रहे हं। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो बिजाई नहीं हो पाएगी। - शमशेर, किसान, भेरिया
खाद के लिए एक सप्ताह से चक्कर काट रहा हूं। वीरवार को सुबह सात बजे खाद लेने के लिए आया तो केंद्र पर ताला लगा मिला। खाद नहीं मिलने से काफी परेशानी हो रही है। - लीलूराम, किसान, तलवंडी राणा
खाद नहीं मिलने के कारण सभी किसान परेशान है। कोई दो तो कोई तीन दिन से चक्कर काट रहा है। खाद नहीं मिलने पर बिजाई कैसे कर पाएंगे। - सुरेंद्र, किसान, लोहारू