गांव बालक में 35-40 हथियारबंद लोगों ने शनिवार को रंजिशन एक घर में घुसकर गोली मारकर मां-बेटे की हत्या कर दी। फायरिंग में मृतक महिला का दूसर बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल को हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल सहित एसपी शिबास कविराज मौके पर पहुंचे। वारदात से गुस्साए परिजनों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिए। उन्होंने मांग की है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वे शव को नहीं उठाने देंगे।
इस वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने सुरेंद्र बयान पर 35-40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। देर रात पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एक हत्या के मामले में इस परिवार से रंजिश निकाली है।
घायल सुरेंद्र ने बताया है कि शनिवार को लगभग छह बजे वारदात के समय उसकी मां सुकना देवी (52) ऊपर के कमरे में सब्जी बना रही थी और कुलदीप (30) भी उसके पास बैठा था।
उसी दौरान गांव के ही गोकल, सुनील, बंटी, गोपी, विजय, राधेश्याम, अनिल, प्रीतम, धोला और सुभाष आदि वहां पहुंचे और दोनों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
गोली चलने की आवाज सुनकर वह जान बचाकर भागने लगा तो आरोपियों ने उस पर भी फायरिंग कर दी। सुरेंद्र को बाजू पर गोली लगी है। पुलिस ने इस मामले में सुकना देवी के बेटे सुरेंद्र की शिकायत पर गोकल, सुनील, बंटी, गोपी, विजय, राधेश्याम, अनिल, प्रीतम, धोला और सुभाष आदि 35-40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बालक गांव में 30 जनवरी को युवक सोनू की हत्या हुई थी। सोनू का शव गांव के जोहड़ के किनारे मिला था। युवक का चेहरा बुरी तरह से कुचला हुआ था। सोनू की हत्या का आरोप मृतक कुलदीप के फुफेरे भाई देवेंद्र पर लगा था। सोनू मां और बेटे के हत्यारोपियों के परिवार से ही था।
पुलिस ने देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है। पुलिस आरंभिक जांच में दोहरे हत्याकांड का मामला इसी से जोड़कर देख रही है।