हिसार पांच गांव के लोग खुशी जाहिर करते हुए।
हिसार। ढाणी पीरावाली, बीड़, ढंढूर, झीड़ी, बीड़ बबरान, डिग्गी ताल के ग्रामीणों ने बुधवार को 2 क्विंटल लड्डू बांट कर सात दशक बाद आशियाने के मालिकाना हक की लड़ाई जीतने पर खुशी जाहिर की। ग्रामीणों ने कहा कि हम 1954 से यह जंग लड़ रहे हैं। हमारे काफी बुजुर्ग इस लड़ाई को लड़ते हुए दुनिया से विदा हो चुके हैं। आज उन बुजुर्गाें की आत्मा को शांति मिली होगी।
आवास बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले ग्राम सचिवालय ढंढूर में जुटे इकट्ठा होकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नाई, आदमपुर के विधायक भव्य बिश्नोई का आभार जताया। समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने 2 से लेकर 4 हजार रुपये प्रति गज का शुल्क तय किया है। गांव के हिसाब से यह शुल्क अधिक है। काफी परिवार मजदूरी कर अपना परिवार पालते हैं। ऐसे में उनके लिए यह काफी अधिक कीमत हो जाएगी। समिति इस शुल्क को कम करने की मांग को लेकर सरकार से अनुरोध करेगी।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें मालिकाना हक दिलाने में कुलदीप बिश्नोई व भव्य बिश्नोई ने विशेष प्रयास किए हैं। 1954 में इन गांवों को बसाया गया था। तब से ही इन गांवों के लोग मालिकाना हक की मांग कर रहे थे। 2010 में सरकार ने ग्रामीणों को गांव खाली करने का नोटिस दिया था। 2022 उप चुनाव में भव्य बिश्नोई ने चुनाव मे वादा किया था कि उन्हें हर हाल मे मालिकाना हक दिलाकर रहेंगे। विधायक भव्य बिश्नोई ने विधानसभा ने गांवों के मालिकाना हक संबंधी आवाज उठाई थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए उपरोक्त पांच गांवों को मालिकाना हक दिए जाने की घोषणा की।
बता दें कि चौधरी भजनलाल ने सबसे पहले इन गांवों को पेयजल कनेक्शन दिया था। इस अवसर पर फूल चंद पूर्व सरपंच एवं प्रधान संघर्ष समिति, सतपाल सरपंच, गुरदयाल सरपचं, जरनैल सिंह सरपंच प्रतिनिधि, दलीप सरपंच, परमजीत सिंह पम्मा प्रधान गुरुद्वारा कमेटी, अमर सिंह पंच, भीम सिंह, हवा सिंह पंच, श्याम लाल, रमेश मौजूद रहे।