फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज बनने से पहले ही उखड़ी टाइलें

विज्ञापन
रेलवे स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर टूटी टाइलें। - फोटो : Hisar
विज्ञापन
हिसार। रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज बनने से पहले ही इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठ चुके हैं। अभी तक प्लेटफार्म नंबर-1 से प्लेटफार्म नंबर-3 तक ही फुट ओवरब्रिज तैयार हो पाया है। मगर इस फुट ओवरब्रिज पर लगी टाइलें अभी से उखड़ना शुरू हो चुकी हैं। जगह-जगह टाइलों में दरार आ गई है और फुट ओवरब्रिज पर गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में फुट ओवरब्रिज पर चलते समय यात्रियों को ठोकर लगने पर चोट लगने का डर है।
विज्ञापन

बता दें, कि हाल ही में फुट ओवरब्रिज पर सुरक्षा को देखते हुए दोनों तरफ लोहे की जाली लगाई गई है। अब प्लेटफार्म नंबर-4 से प्लेटफार्म नंबर- 5 पर रैंप बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इस काम को पूरा होने में तीन माह का समय लगेगा। रैंप का काम शुरू करने से पहले प्लेटफार्म नंबर- 4 व 5 पर लगा लोहे का शेड हटाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 90 लाख की लागत से तैयार होने वाले फुट ओवरब्रिज का काम अभी कछुआ चाल से चल रहा है।
कई बाद बीच में रुक चुका फुट ओवरब्रिज का काम
शुरू में लेबर न आने के कारण कई महीनों तक काम बंद रहा तो बाद में रेलवे की ओर से बजट जारी नहीं हुआ था। इसी कारण अभी तक फुट ओवरब्रिज बनकर तैयार नहीं हो पाया है। फिलहाल यात्री इस फुट ओवरब्रिज से प्लेटफार्म नंबर-1 से प्लेटफार्म नंबर-3 तक ही जा सकते हैं। प्लेटफार्म नंबर-4 का काम पूरा नहीं होने के कारण रास्ते को बीच में से बंद किया हुआ है।
विज्ञापन

फुट ओवरब्रिज पर नहीं होगी सीढ़ियां, चढ़ने में होगी आसानी
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-6 तक फुट ओवरब्रिज बनाया जाना है। इस फुट ओवरब्रिज पर सीढ़ियां नहीं होगी। ऐसे में यात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक ट्राली बैग से आसानी से सामान ले जा सकेंगे। हालांकि जब फुट ओवरब्रिज बनना शुरू हुआ था तो यात्रियों ने इंजीनियरिंग विभाग पर सवाल उठाए थे। उस दौरान यात्रियों ने कहा कि एक तो फुट ओवरब्रिज काफी ऊंचा है। इसके अलावा इसमे कई घुमाव भी दिए गए हैं। इसी कारण एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने में काफी समय लगेगा।
विज्ञापन

फुट ओवरब्रिज पर काम के दौरान छोटी ट्राली से सामान चढ़ाया गया था। उस समय टाइलें टूट गई थी। जल्द ही टूटी टाइलों को बदला जाएगा।
- अमित गोयत, जेई, इंजीनियरिंग विभाग, रेलवे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें