हिसार। रामलीला के पात्र जीवन के मूल्यों की शिक्षा देते हैं। राम सदाचार और धर्म के रक्षक हैं तो रावण इसके विपरीत आचरण के हैं। मगर ये पात्र मानव को यह शिक्षा भी देता है कि यदि आप का आचरण अनुकरणीय नहीं है तो आप का अंत निश्चित है। हिसार के पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में श्री रामलीला कमेटी कटला की ओर से चल रही रामलीला में दो सगे भाई राम और रावण का किरदार निभा रहे हैं। मंच पर छोटा भाई सौरव शर्मा रावण तो बड़ा भाई भारत भूषण शर्मा राम हैं। दोनों भाई वृंदावन रासलीला संस्थान से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. स्वामी देवकीनंदन महाराज के बेटे हैं।
रावण का किरदार निभा रहे 37 वर्षीय सौरव शर्मा बारहवीं कक्षा पास है। सौरव ने बताया कि वे दोनों भाई विदेशों में भी मंच पर एक साथ किरदार निभा चुके हैं। लंदन, सिंगापुर, मलेशिया, थाइलैंड, नेपाल में रामलीला से लेकर रासलीला और कृष्ण लीला कर चुके हैं। उनका कहना है कि जितना प्यार हिसार के लोगों से मिल रहा है, उतना कही नहीं मिला। हिसार में रामलीला के बाद मुंबई, कानपुर, वृंदावन, कोटा में कार्यक्रम है। जहां रासलीला से लेकर कृष्ण लीला दिखाई जाएगी। फिलहाल रामलीला में स्वामी देवकीनंदन महाराज के निर्देशन में ही मंचन किया जा रहा है। संवाद
दोनों भाइयों ने पांच साल की उम्र में मंचन शुरू किया
दोनों भाइयों ने पांच साल की उम्र में ही रामलीला का मंचन करना शुरू कर दिया था। सौरव शर्मा बताते है कि पिछले काफी समय से वह रावण का ही रोल कर रहे हैं। इसके अलावा वह कृष्ण, राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, बरबरीक, अग्रसेन, हरीशचंद्र का भी किरदार निभा चुके हैं। वहीं बड़े भाई 40 वर्षीय भारत भूषण शर्मा राम और कृष्ण का रोल कर चुके हैं।
रावण का रोल करने वाले सौरव की बेटी भी बन रही बाल रूप में राम व कृष्ण
रावण का रोल निभाने वाले सौरव शर्मा की पांच वर्षीय बेटी टीना शर्मा भी रामलीला में किरदार निभाने के लिए पहुंची है। हालांकि वह पहली कक्षा में पढ़ती है। पिता सौरव शर्मा ने बताया कि बेटी टीना रामलीला में भगवान राम और कृष्ण के बाल रूप का किरदार निभाती है।
37 कलाकार कर रहे मंचन, उम्र 5 साल से 65 साल तक
पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में चल रही रामलीला में वृंदावन से आए 37 कलाकार मंचन कर रहे हैं। इनमें 5 से लेकर 65 साल की उम्र तक के कलाकार शामिल हैं। वहीं रामलीला में पहली बार सुरक्षा की दृष्टि से मंच के पास बाउंसर तैनात किए गए हैं।
जिस किरदार को निभा रहे हैं, उसे अपने अंदर धारण करना होगा
कलाकार सौरव शर्मा व भारत भूषण शर्मा बताते है कि जिस रोल को निभा रहे हैं, उसे अपने अंदर धारण करना होगा। चाहे दो सगे भाई राम और रावण का किरदार निभा रहे हो। यदि दोनों भाई रोल को लेकर ऐसा कुछ सोचेंगे तो दोनों ही रोल नहीं निभा पाएंगे। हमें धारण करना होगा कि यदि मैं रावण का रोल का रहा हूं तो मैं उस समय तक रावण ही हूं।