हिसार। हिसार रोडवेज डिपो की तीन ई-बसें रिले वायरिंग में खराबी के कारण करीब 15 दिन तक बंद रहीं। नई रिले वायरिंग बंगलूरू से मंगवाने के बाद बसों की मरम्मत पूरी की गई और अब तीनों बसों को दोबारा स्थानीय रूटों पर संचालित कर दिया गया है।
ई-बस सेवा के ड्यूटी इंचार्ज केशव कुमार ने बताया कि रिले वायरिंग में खराबी आने से बसों के पहियों पर ब्रेक लग रहा था जिसके कारण तीनों बसें एक साथ डिपो में खड़ी हो गईं। हिसार डिपो को करीब 15 माह पहले पांच ई-बसें मिली थीं जिन्हें आजाद नगर, गंगवा, आधार अस्पताल रूटों पर चलाया जा रहा है। इन बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी जेबीएम (जय भारत मोटर्स) कंपनी के पास है।
कंपनी की ओर से जांच की गई तो बसों की रिले वायरिंग में खराबी मिली। इसके बाद नई वायरिंग बंगलूरू स्थित सर्विस सेंटर से मंगवाई गई। हालांकि तकनीकी और लॉजिस्टिक कारणों से वायरिंग हिसार पहुंचने में करीब 15 दिन लग गए। बताया गया कि पार्ट्स की खेप गलती से दूसरे स्थान पर भेज दी गई थी जिससे देरी हुई। नई वर्जन की रिले वायरिंग लगाने के बाद तीनों बसों को फिर से चालू कर दिया गया है। बसों के बंद रहने से स्थानीय यात्रियों को पिछले 15 दिनों से परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
बसों में रिले वायरिंग खराब होने से 15 दिन तक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। अब तीनों बसें कंपनी ने ठीक करवा दी हैं और लोकल रूट पर चलने लगी हैं। कंपनी अधिकारियों को मरम्मत में देरी करने पर डिपो की तरफ से विशेष हिदायत जारी की है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही ना हो और बसों की मरम्मत समय पर हो पाए। - केशव कुमार, डीआई, ई-बस सेवा रोडवेज डिपो हिसार।