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तीन दिन पहले सादे कपड़े में आए छह लोग ले गए थे साथ, मालूम नहीं, हमारे बेटे जिंदा भी हैं या...

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हिसार। नवदीप और मनीष के पिता रमेश लोहचब जानकारी देते। - फोटो : Hisar
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हिसार। पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में किरमारा गांव के पास एक ढाणी से दो भाइयों नवदीप और मनीष को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा उठाए जाने के तीन दिन बाद भी उनका कोई अता-पता नहीं है। परिजनों का कहना है कि उन्हें मालूम तक नहीं कि उनके बेटे जिंदा हैं भी या नहीं। तीन दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला है।
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बेटे ऐसा कुछ नहीं कर सकते, जिससे हमारी बदनामी हो
युवकों की मां सरोज और पिता रमेश लोहचब ने बताया कि तीन दिन पहले सादे कपड़ों में छह लोग आए और दोनों बेटों को गाड़ी में बैठाकर ले गए। पुलिस वाले पूछताछ के लिए घर आए तो उनसे कुछ पूछा लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। बेटे किसी हालत में है हमें नहीं पता। रमेश ने बताया कि दोनों बेटों ने पहले हिसार के कैमरी मार्ग पर खादी-बीज की दुकान की थी लेकिन उसे बंद करना पड़ा। उनका बुरी संगत से कोई लेना-देना नहीं है। न ही बेटों में कोई एब है। 18 जून को प्रदीप दौलतपुरिया दो लोगों को लेकर आया था। प्रदीप भी गाड़ियों को खरीदने बेचने का काम करता है। हमने सोचा उसके जानकार है और गाड़ी देखने आए हैं। इसके अलावा हम उनके बारे में कुछ नहीं जानते। बेटे ऐसा कुछ नहीं कर सकते, जिससे हमारी बदनामी हो
रमेश ने बताया कि 20 जून की सुबह करीब साढ़े आठ बजे छह युवक सादे कपड़ों में आए थे। आते ही उन्होंने पूरे घर को घेर लिया और दोनों बेटों को पकड़ लिया। मुझ से मेरा मोबाइल फोन भी ले लिया और कहा कि शोर मचाया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा और दोनों बेटों को गाड़ी में बैठा कर ले गए। हमें इस बारे में कुछ नहीं पता कि वे कौन थे और दोनों बेटों को कहा लेकर चले गए। तीन दिन हो गए बेटों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। इस बारे में भी नहीं पता कि वे जिंदा भी या नहीं।
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गांव की जमीन बेच कर बनाया है मकान
रमेश और सरोज ने बताया कि गांव की 21 मरला जमीन और गांव में बनाया पुराना मकान बेचकर खेत में मकान बनाया है अभी तक मकान पूरा भी नहीं हुआ है। मेन गेट अभी तक नहीं लगा है। दोनों बेटों ने कभी कोई गलत काम नहीं किया। गाड़ी खरीदने और बेचने का काम करते हैं। बेटों की चिंता सता रही है।
पति के एक्सीडेंट के बाद बेटों को पढ़ाई से उठाया
सरोज ने बताया कि दोनों बेटे पढ़ाई में होशियार हैं। ढाई साल पहले पति एक दुुर्घटना में घायल हो गए थे। उसके बाद डेढ़ साल तक चारपाई पर रहे। उनकी देखभाल और घर का गुजारा चलाने के लिए दोनों बेटों की पढ़ाई छुड़वानी पड़ी। बड़े बेटे ने 12वीं और छोटा बेटा 11वीं तक पढ़ा है। अब दोनों बेटों ने घर संभाला हुआ था। बेटे कभी कोई गलत काम नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि जब से बेटों को लेकर गए हैं तभी से फोन बंद आ रहा है। तीन दिन हो गए घर में चूल्हा तक नहीं जला। दिन हो या रात चारपाई पर बैठ कर बेटों की राह देख रहे हैं।

हिसार। मनीष।- फोटो : Hisar

हिसार। नवदीप।- फोटो : Hisar

हिसार। किरमारा गांव की ढाणी में बना रमेश का घर जहां से दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम दोनों भाईयों को ?- फोटो : Hisar

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