हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि तीन महीने तक बिजली निगम में तबादले नहीं किए जाएंगे। इस समय बिजली की मांग सबसे अधिक रहती है। ऐसे में कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादले से दिक्कत आएगी। उन्होंने कहा कि 11 राज्यों में बिजली संकट चल रहा है। हमारी हालत अन्य राज्यों की अपेक्षा अच्छी है। उद्योगों की बिजली कटौती के बाद अब घरेलू क्षेत्र को कटौती का सामना नहीं करना पड़ रहा।
वह गुरुवार को हिसार में रेस्ट हाउस में लोगों की समस्या सुन रहे थे। इस दौरान कुछ लोग बिजली निगम में तबादले की अर्जी लेकर पहुंचे। जिस पर उन्होंने माइक से एलान किया कि अगले तीन महीने तक कोई ट्रांसफर नहीं होगी। इस समय बिजली के लिए क्रिटिकल समय चल रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब सहित 11 राज्यों में बिजली संकट है। उद्योगों की कटौती के बाद राहत मिली है। जिसके चलते पिछले 5 दिन से घरेलू क्षेत्र में कट नहीं लगाए जा रहे। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप से 1050 मेगावाट का एमओयू 2.94 रुपये प्रति यूनिट पर था। लोकल कोयले से उत्पादित बिजली को लेकर यह एमओयू था।
इंपोर्टेड कोल से तैयार बिजली हमें 7 रुपये यूनिट मिल रही है। अगर अब बिजली खरीदें तो वह हमें 12 रुपये यूनिट तक मिल रही है। जितनी डिमांड करें उतनी बिजली मिल भी नहीं पा रही। जून में कुछ प्रदेशों में मानसून आने से बिजली सरप्लस हो जाएगी। प्रदेश में दस लाख स्मार्ट मीटर लगाएंगे। इसमें गुरग्राम फरीदाबाद, करनाल, पंचकूला में तीन लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं।
कांग्रेस बीता काल, 8 साल पहले हुड्डा को दी होती कमान तो...
एक सप्ताह पहले उदयभान हिसार में आए तो कोई उन्हें नहीं पहचानता। कांग्रेस बीता हुआ काल है। आठ साल पहले हुड्डा को कमान दी होती तो वह भले आदमी थे, इसे ठीक कर सकते थे। आज प्रियंका, राहुल, सोनिया गांधी का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में कुलदीप बिश्नोई, कैप्टन अजय यादव, रणदीप सुरजेवाला शामिल नहीं हुए। कांग्रेस के नेताओं में यह टकराव पहले से ही है।