रेलवे स्टेशन के बाद ट्रेनों में भी आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। सिकंदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अग्निशमन यंत्र पर एक्सपायरी डेट तक नहीं लिखी है। वहीं, हिसार-कोटा एक्सप्रेस के कई स्लीपर डिब्बों से आग बुझाने के उपकरण गायब हैं। यदि डिब्बे में किसी कारणवंश आग लग जाती है तो बड़ा हादसा हो सकता है। इस बारे में रेलवे अधिकारियों से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि ट्रेनों के डिब्बे चेक करवाएं जाएंगे, जहां यंत्र नहीं रखे हैं, वहां रखवाएं जाएंगे।
बता दें, कि सिकंदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और रविवार को हिसार से दोपहर 1:50 बजे रवाना होती है। इस ट्रेन में इंजन के पीछे और लास्ट में दो-दो सामान्य डिब्बे लगे हैं। शुक्रवार को जब ट्रेन में जाकर अग्निशमन यंत्र और पानी की व्यवस्था जानी तो डिब्बे में रखा अग्निशमन यंत्र जंग खा चुका था। एक्सपायरी डेट तक नहीं लिखी हुई थी और उस पर लगा रेफर भी बीच-बीच में से फटा हुआ था। इसी प्रकार हिसार-कोटा एक्सप्रेस के चार स्लीपर डिब्बों में पड़ताल की गई तो दो डिब्बों में अग्निशमन यंत्र तक नहीं रखे मिले।
पैसेंजर ट्रेन में नहीं दिखाई दिए अग्निशमन यंत्र
हिसार रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 50 ट्रेनों का आना-जाना रहता हैं। इनमें अधिकतर पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। मगर इनमें से किसी भी पैसेंजर ट्रेनों में आग बुझाने के लिए उपकरण नहीं रखे हैं। एक्सप्रेस डिब्बों में रखे अग्निशमन यंत्र जर्जर हालत में है, जबकि रोजाना ट्रेनों में 10 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
स्वच्छता अभियान भी फेल
इसके अलावा ट्रेनों में वाशवेशन में यात्री गंदगी फैला रहे हैं। कूड़ेदान या फिर बाहर फेंकने वाली चीजों को भी वाशवेशन में डाल रहे हैं। यदि अब कोई यात्री ट्रेन में ऐसा करते दिखाई देगा तो आरपीएफ की ओर से उक्त यात्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्टेशन पर स्वच्छता को लेकर समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है।
रेल अधिकारी के अनुसार
अग्निश्मन यंत्र को लेकर संबंधित अधिकारी से पता किया जाएगा कि अग्निशमन यंत्रों पर एक्सपायरी डेट क्यों नहीं लिखी हुई है। जहां हिसार-कोटा ट्रेन में आग बुझाने के उपकरण नहीं है तो हो सकता है अग्निश्मन यंत्र रिफिल के लिए निकाले गए हों। इस बारे में जानकारी मांगी जाएगी।
- महेश चंद्र, सीनियर डीसीएम, रेलवे