एसपी की स्पेशल स्टाफ टीम पर दो लाख 28 हजार छह सौ रुपये जबरन वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने इस मामले में कोर्ट में इस्तगासा दायर करवाया है। पीडिंतों का आरोप है कि 3 लाख 28 हजार 700 रुपयों में से टीम ने एक लाख 100 रुपये की रिकवरी दिखाई है। कोर्ट ने पीड़ितों के बयान दर्ज करवाने की 18 जुलाई तय की है। मामले पर संज्ञान लेते हुए एसपी विकास धनखड़ ने पांचों पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच डीएसपी करेंगे।
मामला ऑटो मार्केट स्थित दुकान नंबर 39 का है। एसपी की स्पेशल टास्क फोर्स 30 जून को वहां गई थी। दुकान मालिक सेक्टर 14 निवासी जितेंद्र और उसके चार अन्य साथीपटेल नगर निवासी संजय, हरी नगर निवासी राकेश, यादव कॉलोनी कैमरी रोड निवासी जगदीश, शांति नगर निवासी सुभाष मौजूद थे। आरोप है कि शाम करीब छह बजे वे शॉप में बैठकर कुछ खा रहे थे।
अचानक सादी वर्दी में कुछ लोग आए। उन्होंने अपने आपको एसपी स्पेशल स्टाफ की टीम का सदस्य बताया। आरोप है कि उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास जितने भी रुपये हैं, सब निकाल लो। सभी ने अपनी अपनी जेब से रुपये निकाल लिए और लाखों रुपये उन्होंने शॉप का गल्ला खोलकर निकाल लिए। कुल मिलाकर मौके से 3 लाख 28 हजार 700 रुपये लेकर उन्हें अपने साथ मिलगेट एरिया स्थित चौकी में ले गए। वहां जाकर उन्होंने उन पर जुआ खेलने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। एसपी स्पेशल स्टाफ की टीम ने रिकवरी एक लाख और 100 रुपये दिखाए। आरोप है कि एक तो पुलिस टीम ने उनसे जबरन वसूली की, दूसरा रुपयों में भी हेरफेर दिखा दी।
पुलिस पीआरओ हरीश भारद्वाज ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने पांचों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। मामले की विभागीय जांच के लिए एसपी ने डीएसपी को निर्देश दिए हैं।