धूल भरी आंधी ने अपने आगोश में लिया शहर।
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हिसार। वर्तमान मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ का असर मंगलवार से हट जाएगा। इससे हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में एक बार फिर से पछुआ पवनों का आधिपत्य स्थापित हो जाएगा और भीषण गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज करेंगी। चूंकि वर्तमान में वातावरण में प्रचुर मात्रा में नमी मौजूद है, जिसकी वजह से पसीने वाली गर्मी अपने चरम शबाब पर होगी।
वहीं जून प्रथम सप्ताहांत तक पश्चिमी शुष्क और गर्म हवाओं का प्रभुत्व स्थापित हो जाएगा और इलाके से नमी नदारद हो जाएगी। 10 जून तक सम्पूर्ण मैदानी राज्यों में कोई भी मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय न होने से हरियाणा, एनसीआर में अधिकतर स्थानों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी और अधिकतम तापमान 45.0 से 47.0 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जाएगा।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के एसोसिएट प्रोफेसर व मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से एक चक्रवातीय सरकुलेशन पश्चिमी राजस्थान पर बना हुआ है। इससे संपूर्ण इलाके लगभग प्रतिदिन दोपहर बाद नए बादलों का फुटाव और निर्माण होता है और शाम तक सूबे में बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को हिसार, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल जिलों में बारिश के साथ 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और अंधड़ व आंधी की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इन गतिविधियों की वजह से सम्पूर्ण हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में नौतपा का प्रभाव नदारद है। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 38 से 44.6 और न्यूनतम तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है।