हिसार। जिले की एक बस्ती में रहने वाली मानसिक तौर पर कमजोर लड़की की शादी करने और छह माह की गर्भवती मिलने के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आया। पुलिस को जो जन्म प्रमाण पत्र मिला, उसके मुताबिक पीड़िता की उम्र 22 साल है। अब सही जानकारी हासिल करने के लिए शनिवार को पुलिस पीड़िता के पिता से सत्यापन करेगी। पीड़िता से दुष्कर्म करने वाले का नाम भी सामने आया है। हालांकि पुलिस ने नाम उजागर नहीं किया है लेकिन इतना जरूर बताया है कि परिवार से कोई नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
नगर निगम कार्यालय में जांचा रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार पीड़िता छह माह की गर्भवती मिलने के बाद मामले की गंभीरता से जांच की गई। गत दिवस सामने आया था कि पीड़िता की उम्र 14 साल है और वह छह माह की गर्भवती है। पीड़िता की सही उम्र जानने के लिए पुलिस की एक टीम शुक्रवार को नगर निगम पहुंची। वहां का रिकॉर्ड खंगाला तो पीड़िता का जन्म प्रमाण पत्र मिला। इसके अनुसार पीड़िता की उम्र 22 साल मिली। इसके अलावा पुलिस की एक टीम पीड़िता की मेडिकल जांच करवाने के लिए उसे अस्पताल लेकर गई। वहां पर मेडिकल जांच के बाद पीड़िता की काउंसिलिंग करवाई गई।
गौरतलब है कि बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी को गत दिवस सूचना मिली थी कि शहर की एक बस्ती में रहने वाली 14 साल की किशोरी की शादी करवाई जा रही है। सूचना मिलने पर बाल संरक्षण अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंची थी और शादी को रुकवा दिया था। इस बारे में पता चलने पर राज्य बाल आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा भी मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान टीम को पता चला था कि किशोरी की उम्र 14 साल है और उसकी शादी राजस्थान में की जा रही है। जांच में सामने आया था कि किशोरी छह माह की गर्भवती भी है। टीम ने जब किशोरी से पूछताछ की तो वह कुछ नहीं बता पाई। टीम को पता चला कि पीड़िता मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसके बाद एक एएनएम को मौके पर बुलाया गया था तो पता चला था कि पीड़िता 22 से 24 सप्ताह की गर्भवती है। महिला थाना पुलिस ने पीड़िता के पिता के बयान पर अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस दौरान यह भी पता चला था कि पीड़िता की मां ने दूसरी शादी की थी। शादी के समय पीड़िता की उम्र सात साल की थी।